Black Day: पुलवामा हमले की 7वीं बरसी, आज देश भर में वीर जवानों के बलिदान को किया जा रहा याद, घाटी में हाई अलर्ट

Edited By Updated: 14 Feb, 2026 12:36 PM

pulwama attack today the sacrifice of brave soldiers is being remembered across

आज 14 फरवरी, 2026 को पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी है। यह हमला 2019 में उस समय हुआ था जब एक सुसाइड बॉम्बर ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर CRPF के काफिले को निशाना बनाया था। उस काफिले में 2,500 से ज्यादा जवान 78 गाड़ियों में तैनात थे।

नेशनल डेस्क: आज 14 फरवरी, 2026 को पुलवामा आतंकी हमले की सातवीं बरसी है। यह हमला 2019 में उस समय हुआ था जब एक सुसाइड बॉम्बर ने जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर CRPF के काफिले को निशाना बनाया था। उस काफिले में 2,500 से ज्यादा जवान 78 गाड़ियों में तैनात थे। इस दर्दनाक हमले में 40 बहादुर जवान शहीद हुए और 35 से ज्यादा घायल हुए थे। आज शहीदों को पुलवामा के लेटपोरा CRPF कैंप में श्रद्धांजलि दी जाएगी। इस दिन को ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया जाता है ताकि शहीदों के बलिदान को याद किया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और लिखा कि देश हमेशा उन बहादुरों की भक्ति, सेवा और हिम्मत को याद रखेगा।

घाटी में कड़ी की गई सुरक्षा
हमले की सातवीं बरसी से पहले जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। श्रीनगर और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और सुरक्षा बलों ने सरप्राइज़ चेकिंग और गश्त बढ़ा दी है। पिछले कई सालों में घाटी में इंटेलिजेंस कोऑर्डिनेशन को भी मजबूत किया गया है और काउंटर-टेरर स्ट्रैटेजी पर ध्यान दिया गया है। हमले के बाद भारत ने जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी थी और आज भी उनके उच्च सतर्कता पर रहने की व्यवस्था कायम है।


हमले का दृश्य और जान-माल की हानि
14 फरवरी 2019 को पुलवामा में CRPF के काफिले पर एक अल्ट्रा-मॉडिफाइड वाहन से हमला किया गया था। सुसाइड बॉम्बर ने विस्फोटक से भरी गाड़ी को बस से टकरा दिया। इस हमले में 40 जवान शहीद हुए और 35 से ज्यादा घायल हुए, जिनमें से कई की हालत गंभीर थी। यह हमला जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी आदिल अहमद डार ने अंजाम दिया था।


भारत का जवाब और नीतिगत बदलाव
हमले के तुरंत बाद भारत ने सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कार्रवाई की। 26 फरवरी 2019 को इंडियन एयर फोर्स ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक की और आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप को निशाना बनाया। इस घटना ने भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ाया और देश की सुरक्षा नीतियों में बदलाव किया।


सुरक्षा एजेंसियों में बड़े पैमाने पर सुधार
पुलवामा हमले के बाद जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा बलों को उच्च तकनीक से लैस किया गया। हथियार, गोला-बारूद, बुलेटप्रूफ जैकेट और अन्य आधुनिक उपकरणों के साथ फोर्स को अपडेट किया गया। यह पाकिस्तान और प्रायोजित आतंकियों के लिए संदेश है कि भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा और हर तरह के खतरे से निपटने के लिए तैयार है।

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