Edited By Pardeep,Updated: 13 Aug, 2026 10:28 PM

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'जोकरों का समूह' करार दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके दिमाग में यह बात घर कर गई है कि...
नई दिल्लीः कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'जोकरों का समूह' करार दिया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके दिमाग में यह बात घर कर गई है कि ''गले मिलना ही विदेश नीति है।''
राहुल गांधी ने कांग्रेस के प्रकोष्ठ 'रचनात्मक कांग्रेस' के अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रधानमंत्री मोदी इस्तीफा नहीं देते और गृह मंत्री अमित शाह पद से नहीं हटते। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई 'मोहब्बत से' लड़ी जाएगी, 'नफरत से नहीं'। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में अब तक बहुत से लोग भाजपा-आरएसएस के सामने ''डरपोक'' की तरह व्यवहार करते रहे हैं, जबकि मुकाबला ऐसे लोगों से है जिन्हें देश के दर्शन या इतिहास की कोई समझ नहीं है। उन्होंने कहा, ''अगर आप ब्रिटिश साम्राज्य से लड़ रहे होते और अचानक कहते कि आप डर गए हैं, तो मैं समझ सकता हूं। लेकिन आज आप जोकरों और मसखरों से लड़ रहे हैं, जिन्हें हमारे दर्शन या इतिहास के बारे में कुछ पता नहीं है।''
राहुल गांधी ने छात्रों के हालिया आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों से चुप रहने को कहा गया और अभिव्यक्ति को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस ''व्यवस्था थोपना'' चाहते हैं। उन्होंने कहा, ''और हमारा काम भारत को अपनी बात कहने देना और इस व्यवस्था को तोड़ना है।'' कांग्रेस नेता ने कहा कि जिस दिन आरएसएस की अभिव्यक्ति को खत्म करने की बात की जाएगी, वह उसकी रक्षा भी करेंगे। उन्होंने कहा कि जिसे जो भी बात कहनी है, उसे कहने दिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि जब सभी लोगों को अपनी बात कहने का अवसर मिलेगा तो ''देश की ताकत दुनिया को दिखाई देगी।''
प्रधानमंत्री की विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए राहुल गांधी ने मंच पर मौजूद कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से गले लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री के दिमाग में पता नहीं कहां से यह बात घर कर गई कि ''गले मिलना ही विदेश नीति है।'' जब राहुल गांधी ने दीक्षित को गले लगाया तो पूर्व सांसद ने मजाकिया लहजे में सवाल किया कि आपने मुझे (जॉर्जिया) मेलोनी समझकर तो नहीं पकड़ा था? इस पर राहुल गांधी ने कहा कि वह अभी तक यहां नहीं पहुंचे हैं। दीक्षित की टिप्पणी को सोशल मीडिया में कई लोगों ने महिला विरोधी करार दिया। राहुल ने अपनी दादी एवं पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की अमेरिकी यात्रा का उल्लेख करते हुए उनके नेतृत्व की तारीफ की। राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान भारत के पास एक बड़ा अवसर था।
उन्होंने कहा, ''ईरान हमारा पुराना दोस्त है, अमेरिका और रूस भी हमारे दोस्त हैं। ऐसे में अगर इंदिरा गांधी जी जैसा नेतृत्व होता तो हमारे पास इनकी आपस में दोस्ती करा सकने का सबसे बड़ा अवसर होता। लेकिन पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका में आ गया और नरेन्द्र मोदी देखते रह गए।'' राहुल गांधी ने कहा, ''आप लिख लो, जब तक नरेन्द्र मोदी इस्तीफा नहीं देते हैं, गृह मंत्री हट नहीं जाते, तब तक हम उनको सोने नहीं देंगे, हम इन्हें जगाकर रखेंगे।'' उन्होंने कहा कि विपक्ष यह लड़ाई ''मोहब्बत से'' लड़ेगा, ''नफरत से नहीं'', क्योंकि वह देश की संस्कृति की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह दिखाएगा कि भारत ''नफरत का नहीं, बल्कि मोहब्बत का देश है।''
राहुल गांधी ने कहा, ''राष्ट्रीय भावना यह है कि हम जोकरों के एक समूह को अपने ऊपर कोई व्यवस्था थोपने की अनुमति नहीं देंगे।'' उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, ''आजकल प्रधानमंत्री मोदी रात में सो नहीं रहे हैं और इसके कई कारण हैं, कुछ स्पष्ट हैं और कुछ छिपे हुए।'' गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें ''चाणक्य'' और न जाने क्या-क्या कहा जाता था, लेकिन वह मानसून सत्र के दौरान ''गायब हो गए'' और 20 दिन तक संसद में नहीं आ पाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपनी बात कहने की आजादी होनी चाहिए और विपक्ष इस अधिकार की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।