CCTV में कैद हुए मौत की LIVE वीडियो... बैडमिंटन खेलते खेलते आया हार्ट अटैक, शटल उठाते ही बिजनेसमैन के निकल गए प्राण

Edited By Updated: 18 Feb, 2026 01:30 PM

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जिंदगी और मौत के बीच का फासला कितना कम हो सकता है, इसका एक हृदयविदारक उदाहरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिला। एक शख्स जो अपनी सेहत को लेकर बेहद सजग था और हर रोज की तरह खेल के मैदान में पसीना बहा रहा था, अचानक मौत के आगोश में समा गया।...

नेशनल डेस्क: जिंदगी और मौत के बीच का फासला कितना कम हो सकता है, इसका एक हृदयविदारक उदाहरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में देखने को मिला। एक शख्स जो अपनी सेहत को लेकर बेहद सजग था और हर रोज की तरह खेल के मैदान में पसीना बहा रहा था, अचानक मौत के आगोश में समा गया। खेल के बीच में हुई इस अनहोनी का लाइव वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने फिटनेस के प्रति जागरूक लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

आखिरी शॉट और फिर सन्नाटा
मामला रायपुर के DD नगर थाना अंतर्गत अश्विनी नगर का है। यहां के सोनकर बाड़ी ग्राउंड में 57 वर्षीय व्यवसायी अमृत बजाज रोजाना बैडमिंटन खेलने जाते थे। चश्मदीदों और वायरल वीडियो के मुताबिक, अमृत पूरी ऊर्जा के साथ मैच खेल रहे थे। उन्होंने एक शानदार शॉट मारा और जैसे ही शटल कॉक उठाने के लिए नीचे झुके, वे अचानक लड़खड़ाकर जमीन पर गिर पड़े। साथी खिलाड़ी तुरंत उनकी मदद के लिए दौड़े, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।

अनुशासन और फिटनेस के बावजूद 'धोखा'
मृतक के परिजनों का कहना है कि अमृत बजाज अपनी सेहत को लेकर बहुत अनुशासित थे। कोरोना काल के बाद से उन्होंने व्यायाम और बैडमिंटन को अपनी दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बना लिया था। हालांकि वे शुगर के मरीज थे, लेकिन किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहते थे। रायपुर के ओपन बैडमिंटन कोर्ट में यह इस तरह की पहली बड़ी घटना मानी जा रही है, जिसने खेल प्रेमियों को स्तब्ध कर दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले मई 2025 में सप्रे कोर्ट में भी एक 35 वर्षीय युवक की इसी तरह खेलते हुए जान चली गई थी।

साइलेंट किलर: क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
इस घटना ने एक बार फिर 'सडन कार्डियक अरेस्ट' की गंभीरता को उजागर किया है। हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, कार्डियक अरेस्ट ऐसी स्थिति है जहाँ दिल अचानक धड़कना बंद कर देता है। डॉक्टरों की सलाह है कि 40 की उम्र पार कर चुके लोगों को भारी व्यायाम या खेल के दौरान अपने शरीर के संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर खेलते समय अचानक जरूरत से ज्यादा पसीना आए, घबराहट हो, सीने में भारीपन लगे या चक्कर आएं, तो तुरंत रुक जाना चाहिए। ऐसी आपात स्थिति में 'सीपीआर' (CPR) देना जान बचाने में संजीवनी साबित हो सकता है।

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