Edited By Pardeep,Updated: 26 Jul, 2026 05:47 AM

देशभर में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के...
नेशनल डेस्कः देशभर में NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर जारी भारी विरोध प्रदर्शनों के बीच एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्र में 12 साल के कार्यकाल के दौरान यह केवल दूसरा अवसर है जब किसी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ने अपने पद से त्यागपत्र दिया है।
राजनाथ सिंह का पुराना बयान हुआ वायरल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का 24 जून, 2015 का एक पुराना बयान तेजी से वायरल हो रहा है। उस समय ललित मोदी विवाद के दौरान तत्कालीन विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा था, "हमारे मंत्रियों को इस्तीफा नहीं देना पड़ता। यह उनकी (कांग्रेस) सरकार नहीं है, यह एनडीए सरकार है"। हालांकि, प्रधान के इस्तीफे ने मोदी सरकार के मंत्रियों के पद न छोड़ने के इस लंबे रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। इससे पहले अक्टूबर 2018 में विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर ने 'मी-टू' आंदोलन के दौरान लगे आरोपों के बाद इस्तीफा दिया था।
जंतर-मंतर पर जश्न, विपक्ष ने बताया 'लोकतंत्र की जीत'
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए 'मुन्ना भाई M.B.B.S.' का मशहूर संवाद "सुबह हो गई मामू" दोहराया और इस इस्तीफे को 'लोकतंत्र की जीत' करार दिया। बता दें कि छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने शुक्रवार, 24 जुलाई को ही अपना अनशन समाप्त किया था, जिसके बाद से ही प्रधान के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।