Edited By Yaspal,Updated: 09 Jan, 2024 12:32 AM

राम मंदिर में होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय करीब आ रहा है। पूरा देश राममय है। गली, नुक्कड़ और चौराहों पर राम के भजन और रामधुन सुनाई जा रही हैं। युवाओं में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जोश नजर आ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से...
नेशनल डेस्कः राम मंदिर में होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का समय करीब आ रहा है। पूरा देश राममय है। गली, नुक्कड़ और चौराहों पर राम के भजन और रामधुन सुनाई जा रही हैं। युवाओं में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर जोश नजर आ रहा है। देश के अलग-अलग हिस्सों से रामभक्त पैदल चलकर अयोध्या पहुंच रहे हैं। दरअसल, अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है। इसको लेकर अयोध्या में भव्य तैयारियां की जा रही हैं। इन सबके बीच कुछ तस्वीरें ऐसी सामने आईं हैं। जिन्होंने लोगों का दिल जीत लिया है।

लोग अपने हाथों, कलाईयों और शरीर के अन्य हिस्सों पर ‘राम’ नाम का टैटू बनवा रहे हैं। नागपुर में 22 जनवरी को अयोध्या राम मंदिर के अभिषेक से पहले एक टैटू कलाकार ने भक्तों की बांहों पर भगवान राम का टैटू बनवाया है। राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा का दिन करीब आने के साथ ही धार्मिक उत्साह बढ़ने के बीच गुजरात के नवसारी शहर में एक टैटू बनाने वाला व्यक्ति श्रद्धालुओं के हाथों पर मुफ्त में श्रीराम के नाम का टैटू बना रहा है। टैटू कलाकार जय सोनी पहले ही 200 श्रद्धालुओं के हाथों पर 'श्रीराम' लिख चुके हैं। उन्हें उम्मीद है कि 22 जनवरी को होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा समारोह तक यह संख्या 1,000 तक पहुंच जाएगी।

सोनी ने कहा,''मैं सोच रहा था कि जब अयोध्या में राम मंदिर बनेगा तो मैं अपनी ओर से क्या योगदान दे सकता हूं। मैं एक टैटू कलाकार हूं इसलिए मैंने श्रद्धालुओं के लिए भगवान राम के नाम का मुफ्त टैटू देने का फैसला किया।'' उन्होंने कहा कि इस अवसर पर यह मेरी ओर से छोटा सा योगदान है। सोनी ने दिसंबर में यह कार्य शुरू किया था और अब तक 200 भक्त 'श्रीराम' लिखवा चुके हैं। वहीं 700 से अधिक लोगों ने टैटू कलाकार से समय मांगा है और उन्हें उम्मीद है कि 22 जनवरी तक यह आंकड़ा 1,000 या उससे अधिक तक पहुंच जाएगा।
कैसी होगी रामलला की मूर्ति
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मूर्ति के स्वरूप का खुलासा करते हुए कहा है कि जो मूर्ति श्री राम जन्मभूमि मंदिर के गर्भ गृह में स्थापित होगी, वह श्यामल रंग की होगी। रामचरितमानस और बाल्मीकि रामायण में वर्णित राम के स्वरूप को ध्यान में रखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने यह निर्णय लिया। कर्नाटक के पत्तों से बनी दो श्यामल पत्थरों में से एक मूर्ति श्री राम के गर्भ गृह मंदिर में स्थापित होगी और बाकी दोनों अलग-अलग स्थलों पर स्थापित की जाएगी। राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव ने मूर्ति को विस्तार से वर्णन किया, कहते हुए, 'इस मूर्ति में देवत्व यानि भगवान का अवतार है, विष्णु का अवतार है। यह एक राजा का बेटा होने के साथ-साथ राज पुत्र और देवत्व का संगम है।'

मूर्ति का विस्तार से वर्णन करते हुए चंपत राय ने कहा, 'यदि हम पैर की उंगली से लेकर आंख की भौत तक देखें, तो यह मूर्ति चार फीट, 3 इंच की प्रतिमा है, लगभग 51 इंच ऊँची है। इसमें थोड़ा मस्तक, मुकुट, और आभामंडल शामिल हैं।' चंपत राय ने बताया कि पूजा विधि 16 जनवरी से शुरू होगी, और मूर्ति गर्भ गृह में 18 तारीख को स्थापित की जाएगी। मूर्ति का शरीर लगभग डेढ़ टन का है और यह एकदम पत्थर से बनी है, श्यामल रंग की।
बता दें कि रामनगरी अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं और अयोध्या के लोग अपने आराध्य को लेकर उत्साहित हैं। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में सन्यासी, राजनीति, खेल, बॉलीवुड, बिजनेस जगत की बड़ी-बड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया है।