Edited By Anu Malhotra,Updated: 24 Mar, 2026 08:04 AM

त्योहारों के इस सीजन में भारतीय रेल के पहिए दौड़ाने वाले रनिंग स्टाफ के लिए केंद्र सरकार ने खुशियों का सिग्नल ग्रीन कर दिया है। 2026 की राम नवमी से ठीक पहले रेल मंत्रालय ने लोको पायलट्स और गार्ड्स (ट्रेन मैनेजर्स) के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए उनके...
नेशनल डेस्क: त्योहारों के इस सीजन में भारतीय रेल के पहिए दौड़ाने वाले रनिंग स्टाफ के लिए केंद्र सरकार ने खुशियों का सिग्नल ग्रीन कर दिया है। 2026 की राम नवमी से ठीक पहले रेल मंत्रालय ने लोको पायलट्स और गार्ड्स (ट्रेन मैनेजर्स) के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए उनके भत्तों में जबरदस्त इजाफा किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की अगुवाई में हुए इस निर्णय का सबसे बड़ा फायदा उन 2 लाख कर्मचारियों को मिलेगा, जो दिन-रात पटरियों पर ट्रेन दौड़ाते हैं।
पसीने की हर बूंद की बढ़ी कीमत: 'किलोमीटर' अब होगा और कीमती
रेलवे की वर्किंग स्टाइल बाकी नौकरियों से थोड़ी अलग होती है। यहां ड्राइवर और गार्ड को उनकी फिक्स सैलरी के अलावा हर उस किलोमीटर के पैसे मिलते हैं, जो वो ट्रेन चलाते वक्त तय करते हैं। रेलवे बोर्ड के नए आदेश के मुताबिक, इस 'किलोमीटरेज अलाउंस' को अब पूरे 25% बढ़ा दिया गया है। आसान भाषा में कहें तो अब ट्रेन चलाने वाले हर शख्स को प्रति किलोमीटर के सफर पर पहले के मुकाबले काफी ज्यादा पैसा मिलेगा।
ट्रेनिंग पर भी नहीं होगा नुकसान, ALK में भी बंपर उछाल
अक्सर ऐसा होता है कि रनिंग स्टाफ को ट्रेन चलाने के बजाय किसी मीटिंग, मेडिकल चेकअप या स्पेशल ट्रेनिंग पर भेज दिया जाता है। चूंकि उस समय वे ट्रेन नहीं चला रहे होते, इसलिए उन्हें 'अलाउंस इन ल्यू ऑफ किलोमीटरेज' (ALK) दिया जाता है। मंत्रालय ने इस मोर्चे पर भी कर्मचारियों को निराश नहीं किया और ALK की दरों में भी 25% की बढ़ोत्तरी कर दी है। यानी अब फील्ड से बाहर रहने पर भी आपकी कमाई कम नहीं होगी।
2024 से मिलेगा फायदा, एरियर के साथ आएगी मोटी रकम
इस खबर की सबसे मीठी बात यह है कि यह बढ़ोत्तरी आज से नहीं, बल्कि 1 जनवरी 2024 से लागू मानी जाएगी। इसका मतलब साफ है कि पिछले दो सालों का जो भी बढ़ा हुआ पैसा बनता है, वह कर्मचारियों के खाते में एकमुश्त 'Arrears' के तौर पर आएगा। यह फैसला महंगाई भत्ते (DA) के 50% का आंकड़ा पार करने की वजह से लिया गया है, क्योंकि नियमों के मुताबिक DA के इस स्तर पर पहुंचते ही कई विशेष भत्तों को बढ़ाना अनिवार्य हो जाता है।
8वें वेतन आयोग की आहट और कर्मचारी यूनियनों की जीत
आगामी 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच इसे रेल कर्मचारियों के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत माना जा रहा है। AIRF और NFIR जैसे बड़े रेल संगठन लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि उनके काम के प्रति उत्साह में भी इजाफा होगा। राम नवमी के मौके पर मिले इस तोहफे ने रेलकर्मियों के घरों में उत्सव का माहौल दोगुना कर दिया है।