Edited By Radhika,Updated: 21 Jan, 2026 06:45 PM

प्रयागराज के माघ मेले में उपजे विवाद के बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रुख की कड़ी आलोचना की है। ग्वालियर पहुंचे रामभद्राचार्य ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शंकराचार्य को दिया गया नोटिस कानूनी और...
नेशनल डेस्क: प्रयागराज के माघ मेले में उपजे विवाद के बीच जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के रुख की कड़ी आलोचना की है। ग्वालियर पहुंचे रामभद्राचार्य ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शंकराचार्य को दिया गया नोटिस कानूनी और धार्मिक मर्यादा के लिहाज से बिल्कुल सही है।
गंगा तक रथ ले जाना गलत
रामभद्राचार्य ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के 'अन्याय' वाले दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुद नियमों की अनदेखी की है। गंगा स्नान के लिए संगम तक रथ में बैठकर नहीं जाया जाता। हम स्वयं संगम तक पैदल जाते हैं। जब पुलिस ने उन्हें रोका था, तो उन्हें रुक जाना चाहिए था।" उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा, "मैं तो जगद्गुरु हूं, वे तो अभी जगद्गुरु भी नहीं हैं।"

दिग्विजय सिंह को बताया 'अज्ञानी'
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के 'हिंदू' शब्द को लेकर दिए गए विवादित बयान पर भी रामभद्राचार्य ने पलटवार किया। दिग्विजय सिंह ने दावा किया था कि 'हिंदू' शब्द फारसी से आया है। इस पर महाराज ने उन्हें 'अज्ञानी' करार देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह को शास्त्रों का ज्ञान नहीं है। उन्होंने जैमिनी सभ्यता और प्राचीन तंत्र शास्त्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि श्लोकों में 'हिंदू' शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।