ममता बनर्जी की PM मोदी पर तीखा हमला, कहा- प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए

Edited By Updated: 08 Mar, 2026 10:39 PM

modi should first resign from the post of prime minister mamata banerjee

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी को ''पहले इस्तीफा देना चाहिए'', क्योंकि वे लोगों के वोट से प्रधानमंत्री बने थे, जिनके नाम निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित तौर पर...

नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि नरेन्द्र मोदी को ''पहले इस्तीफा देना चाहिए'', क्योंकि वे लोगों के वोट से प्रधानमंत्री बने थे, जिनके नाम निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान कथित तौर पर ''मनमाने ढंग से हटाए जा रहे हैं।'' बनर्जी ने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए।

बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में जारी एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में मध्य कोलकाता में आयोजित धरने के दौरान कहा, "अगर मोदी 2024 में इस मतदाता सूची के आधार पर प्रधानमंत्री बन सकते हैं, तो इसमें शामिल लोगों को अपने मताधिकार का इस्तेमाल क्यों नहीं करने दिया जाना चाहिए?" बनर्जी ने सवाल किया कि राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस को पांच मार्च को अचानक इस्तीफा क्यों देना पड़ा और कहा, "इसकी जांच होनी चाहिए; उनके कार्यकाल के अभी तीन साल बाकी थे। उन्हें उस दिन बागडोगरा में राष्ट्रपति का स्वागत करना था। क्या उन्हें अचानक दिल्ली बुलाया गया और इस्तीफा देने को कहा गया?"

मुख्यमंत्री ने आशंका जताई कि क्या मोदी सरकार इस पद पर "हां में हां मिलाने वाले" व्यक्ति को बैठाना चाह रही है। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने यह भी सवाल किया कि पश्चिम बंगाल के पूर्व में राज्यपाल रहे उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पिछले साल जुलाई में अपने पद से इस्तीफा क्यों दिया था। उन्होंने कहा,"क्या इस मामले की जांच होनी चाहिए?" उन्होंने कहा कि सीबीआई और ईडी पर दबाव होगा, "आप जांच का जिम्मा हमारी सीआईडी ​​को सौंपिए, वे इसे कर देंगे।"

धनखड़ इससे पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रह चुके हैं और राज्य में अपने कार्यकाल के दौरान ममता बनर्जी सरकार के साथ उनके अक्सर टकराव होते रहे थे। बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसने एक निजी संगठन का इस्तेमाल करके राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की शनिवार को बागडोगरा यात्रा को लेकर विवाद खड़ा करने की योजना बनाई थी। मुख्यमंत्री ने कहा, "कल जो हुआ पूर्वनियोजित था। मैं माननीय राष्ट्रपति को दोष नहीं देती।"

बनर्जी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने सुझाव दिया था कि यह संगठन इतने बड़े कार्यक्रम का आयोजन करने में सक्षम नहीं होगा जिसमें राष्ट्रपति की उपस्थिति होनी थी। उन्होंने दावा किया कि तार्किक विसंगति का मुद्दा केवल पश्चिम बंगाल के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सामने आया है और कहा, "यह एक सोची-समझी साजिश है।" भाजपा पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए बनर्जी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वह यह कहना चाहती हैं कि मौजूदा एसआईआर में कई महिलाओं के मतदान के अधिकार छीन लिए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमारी सिर्फ एक ही मांग है, असली मतदाताओं को अपने मतदान के अधिकार का प्रयोग करने की अनुमति दी जानी चाहिए।" बनर्जी ने कहा कि टीएमसी के सत्ता में होने के कारण ही सभी लोग सुखी जीवन जी रहे हैं।

उन्होंने विस्तार से बताए बिना कहा, "लेकिन अगर ऐसा होता है कि हम किसी दिन सत्ता में नहीं रहते हैं, तो यह जान लेना चाहिए कि जब कोई समुदाय एकजुट होता है, तो वे पल भर में कुछ भी नष्ट कर सकता है।" उन्होंने लोगों से भाजपा के दुष्प्रचार पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैंने सुना है कि भाजपा यह दुष्प्रचार कर रही है कि मैंने बंगाल में मुसलमानों की घुसपैठ में मदद की है।" उन्होंने कहा कि यह लोग आजादी की समय से राज्य में हैं।

बनर्जी ने कहा कि उस समय तो उनका जन्म भी नहीं हुआ था, इसलिए वे उनकी घुसपैठ की योजना नहीं बना सकती थीं। भाजपा के पूर्ववर्तियों पर अंग्रेजों के "कठपुतली" होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने पूछा, "गांधीजी की हत्या किसने की?" रसोई गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण ईंधन की कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी का बोझ जनता को ही उठाना पड़ेगा। 

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