Delhi Blast मामले में एक और बड़ा खुलासा: ब्लास्ट से पहले आरोपी को भेजे गए थे 42 वीडियो, हुआ चौंकाने वाला खुलासा

Edited By Updated: 21 Nov, 2025 09:48 AM

red fort car blast case 42 bomb making videos were sent to the doctor

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट मामले की जांच में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से जुड़े तीन कथित विदेशी हैंडलर्स में से एक ने गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल अहमद गनई को...

नेशनल डेस्क। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार विस्फोट मामले की जांच में एक और बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों से जुड़े तीन कथित विदेशी हैंडलर्स में से एक ने गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल अहमद गनई को एन्क्रिप्टेड ऐप्स (सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स) के ज़रिए बम बनाने के 42 वीडियो भेजे थे। जांचकर्ताओं के हवाले से यह जानकारी सामने आई है जिससे पता चलता है कि यह आतंकवादी मॉड्यूल कितनी व्यवस्थित तरीके से काम कर रहा था।

 

तीन हैंडलर्स के नाम आए सामने

दिल्ली विस्फोट मामले में तीन विदेशी हैंडलर्स के नाम सामने आए हैं:

  1. हंजुल्लाह

  2. निसार

  3. उकासा

जांचकर्ताओं ने आशंका जताई है कि ये नाम शायद नकली हैं और उनकी असली पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हंजुल्लाह नाम का व्यक्ति कथित तौर पर डॉ. गनई (35) को बम बनाने के 40 से अधिक वीडियो भेजता था। डॉ. गनई ने ही आतंकी मॉड्यूल के लिए विस्फोटकों के भंडारण (Storage) की व्यवस्था की थी।

 

पहले ही पकड़ा गया था डॉ. गनई

डॉ. गनई को लाल किले के पास हुए विस्फोट से लगभग 10 दिन पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। उसके ठिकानों से 350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट सहित 2,500 किलो से ज़्यादा विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।

 

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एक और कर्नल हैंडलर की एंट्री

जांच में एक और महत्वपूर्ण विदेशी हैंडलर का तार इस मामले से जुड़ा है। इसकी पहचान मोहम्मद शाहिद फैसल के रूप में हुई है। यह अपनी पहचान छिपाने के लिए 'कर्नल', 'लैपटॉप भाई' और 'भाई' जैसे नकली नामों का इस्तेमाल करता है। माना जाता है कि इसने 2020 में भी बम धमाकों को अंजाम देने के लिए कर्नाटक और तमिलनाडु में आतंकी मॉड्यूल के साथ समन्वय (Coordinate) किया था।

 

बेंगलुरु का इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है फैसल

जांचकर्ताओं के अनुसार फैसल (उर्फ जाकिर उस्ताद) बेंगलुरु से इंजीनियरिंग ग्रेजुएट है।

  • वह 2012 में 28 साल की उम्र में तब लापता हो गया था जब बेंगलुरु में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कई युवा इंजीनियरों और डॉक्टरों के आतंकी षड्यंत्र का खुलासा हुआ था।

  • सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उसे इस षड्यंत्र में एक मुख्य खिलाड़ी के रूप में पहचाने जाने के बाद वह पाकिस्तान भाग गया था।

  • सूत्रों के अनुसार फैसल हाल ही में सीरिया-तुर्की बॉर्डर पर चला गया था।

  • रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट की NIA जांच में भी उसकी पहचान एक फरार आरोपी के रूप में हुई है।

 

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दक्षिण भारत की घटनाओं से जुड़ाव

जांच से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दिल्ली की यह घटना कर्नाटक और तमिलनाडु में हाल ही में हुई आतंकी घटनाओं से जुड़ी हो सकती है। हैंडलर स्तर पर ऑपरेशन्स में कई समानताएं (Similarities) देखने को मिल रही हैं जिसकी गहराई से स्टडी की जा रही है।

 

कोयंबटूर कार सुसाइड बम घटना से मिलती-जुलती साजिश

लाल किले का यह धमाका 23 अक्टूबर 2022 को कोयंबटूर में हुए सुसाइड कार बम धमाके से काफी मिलता-जुलता है। कोयंबटूर में एक मंदिर के बाहर सुबह 4 बजे एक कार धमाके में मैकेनिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट जेमशा मुबीन (28) की मौत हो गई थी। धमाके के लिए सिर्फ इसी इरादे से एक मारुति 800 कार को सेकंड-हैंड खरीदा गया था जिसे मुबीन चला रहा था। जांचकर्ताओं का मानना है कि मुबीन ने कार में LPG धमाका करने के लिए IED का इस्तेमाल किया था। मुबीन से जुड़ी प्रॉपर्टी से पोटेशियम नाइट्रेट, रेड फॉस्फोरस, PETN पाउडर और बैटरी जैसी चीज़ें जब्त की गई थीं।

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