Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Mar, 2026 08:18 AM

Blackout in Delhi: इस शनिवार यानि 28 मार्च दिल्ली की चकाचौंध थोड़ी कम होगी, लेकिन यह अंधेरा दुनिया के भविष्य को नई रोशनी देने वाला है। राजधानी की प्रमुख बिजली कंपनी BSES ने दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली के अपने करीब 54 लाख ग्राहकों से एक...
Blackout in Delhi: इस शनिवार यानि 28 मार्च दिल्ली की चकाचौंध थोड़ी कम होगी, लेकिन यह अंधेरा दुनिया के भविष्य को नई रोशनी देने वाला है। राजधानी की प्रमुख बिजली कंपनी BSES ने दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली के अपने करीब 54 लाख ग्राहकों से एक बड़ी अपील की है। कंपनी चाहती है कि 28 मार्च की रात 8:30 से 9:30 बजे तक लोग अपने घरों और दफ्तरों की गैर-जरूरी लाइटें बंद कर दें। लगभग सवा दो करोड़ की आबादी वाले इस हिस्से को 'अर्थ ऑवर 2026' का हिस्सा बनने का न्योता दिया गया है।
प्रतीकात्मक नहीं, अब व्यवहार बदलने की बारी
साल 2026 के लिए इस वैश्विक मुहिम का नारा है— ‘Give an Hour for Earth’ यानी धरती के लिए एक घंटा। इसका मकसद सिर्फ 60 मिनट के लिए स्विच ऑफ करना नहीं है, बल्कि हमारे जीने के ढर्रे में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना है। 2007 में सिडनी की सड़कों से शुरू हुआ यह छोटा सा कदम आज 190 से ज्यादा देशों की आवाज बन चुका है, जो जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौती से लड़ने का सबसे प्रभावी जरिया है।
दिल्ली ने हर साल बनाया है रिकॉर्ड
आंकड़े गवाह हैं कि दिल्लीवाले पर्यावरण को लेकर लगातार जागरूक हो रहे हैं। साल 2024 में अर्थ ऑवर के दौरान शहर ने 206 मेगावाट बिजली बचाई थी, जो 2025 में बढ़कर 269 मेगावाट तक पहुंच गई। इस साल उम्मीद है कि दिल्ली अपनी पुरानी उपलब्धियों को पीछे छोड़ देगी।
ग्रीन एनर्जी की तरफ बढ़ते कदम
सिर्फ अपील ही नहीं, BSES खुद भी ईको-फ्रेंडली होने की राह पर है। कंपनी अपनी सप्लाई में सौर ऊर्जा और अन्य 'ग्रीन एनर्जी' का हिस्सा लगातार बढ़ा रही है। अब तक दिल्ली में 13,000 से ज्यादा घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 6,300 से ज्यादा चार्जिंग पॉइंट तैयार किए गए हैं। इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिए कंपनी SMS, सोशल मीडिया और मोहल्लों की RWA कमेटियों की मदद ले रही है।