2000 Notes: 2000 के नोटों पर RBI की रिपोर्ट: वैधता को लेकर नया ऐलान

Edited By Updated: 02 Apr, 2026 02:46 PM

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भारतीय बाजार में गुलाबी चमक बिखेरने वाले दो हजार रुपये के नोट अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस हाई-वैल्यू करेंसी की वापसी का मिशन लगभग अपने अंतिम...

मुंबई: भारतीय बाजार में गुलाबी चमक बिखेरने वाले दो हजार रुपये के नोट अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा साझा किए गए ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस हाई-वैल्यू करेंसी की वापसी का मिशन लगभग अपने अंतिम चरण में है। मई 2023 में जब आरबीआई ने इन नोटों को चलन से बाहर करने का फैसला सुनाया था, तब किसी ने नहीं सोचा था कि जनता इतनी तत्परता से इन्हें वापस बैंक पहुंचा देगी। आज आलम यह है कि कुल नोटों का 98.45 फीसदी हिस्सा बैंकिंग सिस्टम में सुरक्षित लौट चुका है।

आंकड़ों की जुबानी: भारी-भरकम रकम से मामूली शेष तक
जब 19 मई 2023 को आरबीआई ने इस विमुद्रीकरण जैसी प्रक्रिया का बिगुल फूंका था, तब देश की अर्थव्यवस्था में ₹2000 के नोटों की कुल कीमत 3.56 लाख करोड़ रुपये थी। तीन साल से भी कम समय में यह आंकड़ा तेजी से सिमटता गया। 31 मार्च 2026 को जब कारोबारी साल का आखिरी दिन खत्म हुआ, तब बाजार में केवल 5,501 करोड़ रुपये के नोट ही बचे रह गए। यह गिरावट दर्शाती है कि आम जनता और संस्थाओं ने आरबीआई की इस मुहिम को गंभीरता से लिया और अपने पास जमा गुलाबी नोटों को मुख्यधारा में वापस भेज दिया।

जेब में पड़े हैं नोट? तो घबराएं नहीं, ये अब भी हैं 'कानूनी पैसा'
आरबीआई ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि भले ही इन नोटों को चलन से वापस मंगाया जा रहा है, लेकिन ये अब भी वैध मुद्रा (Legal Tender) बने हुए हैं। इसका मतलब है कि ये कागज के टुकड़े अब भी अपनी कीमत रखते हैं। हालांकि, बैंक अब इन्हें बाजार में दोबारा नहीं भेज रहे हैं, बल्कि सीधे अपने पास जमा कर रहे हैं। आरबीआई का मुख्य उद्देश्य धीरे-धीरे बड़े मूल्य के नोटों को कम करना है ताकि मुद्रा प्रवाह अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बना रहे।

कैसे और कहां बदल सकते हैं आप अपने बचे हुए नोट?
अगर आपकी अलमारी या गुल्लक में अभी भी ये नोट रह गए हैं, तो इन्हें ठिकाने लगाने के लिए आरबीआई ने कई आसान रास्ते खोल रखे हैं। शुरुआत में बैंकों ने इन्हें हाथों-हाथ बदला था, लेकिन अब यह सुविधा मुख्य रूप से आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में उपलब्ध है।

जो लोग व्यक्तिगत रूप से इन कार्यालयों तक नहीं पहुंच सकते, उनके लिए भारतीय डाक (India Post) एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है। आप देश के किसी भी डाकघर से इन नोटों को आरबीआई के ऑफिस भेज सकते हैं, जो सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दिए जाएंगे। अक्टूबर 2023 से ही यह डिजिटल और फिजिकल जमा करने की हाइब्रिड सुविधा लोगों को राहत दे रही है। आरबीआई की इस निगरानी और व्यवस्थित योजना ने ही इसे दुनिया के सफल करेंसी प्रबंधन अभियानों में से एक बना दिया है।
 

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