विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'विकसित भारत' के लिए दिया आत्मनिर्भरता का मंत्र, कहा- वैश्विक संकटों के बीच अडिग खड़ा है भारत

Edited By Updated: 04 Apr, 2026 05:50 PM

s jaishankar gave the mantra of self reliance for a developed india

भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की मजबूत स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी...

नेशनल डेस्क: भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रायपुर के 15वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत की मजबूत स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) के संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी चुनौतियों के बावजूद भारत ने अपने घरेलू और बाहरी हितों की रक्षा सफलतापूर्वक की है।

बदलती दुनिया और भारत की रणनीति

जयशंकर ने स्पष्ट किया कि आज की दुनिया में तकनीक, ऊर्जा और संसाधनों का इस्तेमाल 'हथियार' के तौर पर किया जा रहा है। ऐसे में भारत को अपनी सुरक्षा और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए "हेजिंग, डी-रिस्किंग और विविधीकरण" (जोखिम कम करने और संसाधनों के अलग-अलग स्रोत बनाने) की नीति अपनानी होगी। विदेश मंत्री ने कहा, "आज दुनिया एक अनिश्चित वातावरण से गुजर रही है। संसाधन और कनेक्टिविटी अब केवल व्यापार के साधन नहीं, बल्कि प्रभाव डालने के तरीके बन चुके हैं। ऐसे में भारत को अपनी राष्ट्रीय क्षमताओं को बढ़ाना होगा ताकि हम किसी भी वैश्विक झटके को सह सकें।"

<

>

विकसित भारत 2047 का लक्ष्य

पिछले एक दशक की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए तीन मुख्य स्तंभ बताए:

  • समावेशी विकास: समाज के हर वर्ग तक प्रगति का पहुँचना।
  • निर्णायक नेतृत्व: मुश्किल समय में कड़े और सही फैसले लेने की क्षमता।
  • डिजिटल क्रांति: तकनीक को जीवन के हर क्षेत्र में अपनाना, जो कई विकसित देश भी नहीं कर पाए हैं।

ब्रैंड इंडिया और ग्लोबल मार्केट

आर्थिक मोर्चे पर विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान विदेश नीति का मुख्य केंद्र भारतीय उत्पादकों के लिए विदेशी बाजारों के दरवाजे खोलना और 'ब्रैंड इंडिया' को प्रमोट करना है। उन्होंने युवाओं से जिम्मेदारी लेने का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय क्षमताओं का निर्माण ही जोखिमों से बचने का सबसे कारगर तरीका है।

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!