Edited By Sahil Kumar,Updated: 02 Nov, 2026 03:19 PM

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने सोमवार को काशी में विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसएसआर) को लेकर देश में भ्रम फैलाया जा रहा है।
वाराणसीः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सांसद संबित पात्रा ने सोमवार को काशी में विपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसएसआर) को लेकर देश में भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के 13 करोड़ वोट चोरी के दावे को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यदि इतनी बड़ी संख्या में वोट चोरी हुई होती तो देश की सड़कों पर आंदोलन हो रहे होते।
सकिर्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में पात्रा ने कहा कि एसएसआर की प्रक्रिया अभी जारी है और समाप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'आपके समय एसएसआर हुआ तो ठीक था, अब हो रहा है तो गलत कैसे हो गया? यह मतदाता सूची के शुद्धीकरण की प्रक्रिया है।' उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से चार श्रेणियों के लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। इनमें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे मतदाता शामिल हैं। करीब तीन करोड़ मतदाता अनुपस्थित श्रेणी में हैं। बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) तीन बार उनके घर जाता है। तीनों बार अनुपस्थित मिलने पर उनका नाम इस श्रेणी में दर्ज किया जाता है। ऐसे मतदाता प्रपत्र-6 भरकर अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं। पात्रा ने कहा कि करीब छह करोड़ मतदाता स्थानांतरित श्रेणी में हैं। इन्हें नोटिस भेजा गया है।
निर्धारित प्रपत्र भरने पर उनका नाम भी मतदाता सूची में जुड़ सकता है। उन्होंने बताया कि करीब दो करोड़ 80 लाख लोगों को मृत घोषित किया गया है। कई बार परिजन मृतक का नाम हटवाने की सूचना नहीं देते, इसलिए मतदाता सूची का शुद्धीकरण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि दोहरे मतदाताओं की संख्या भी करीब एक करोड़ है। ऐसे मतदाताओं का नाम एक ही स्थान पर रखा जाएगा। इन सभी श्रेणियों के आंकड़ों को जोड़कर 13 करोड़ वोट चोरी का दावा किया जा रहा है, जबकि यह पूरी तरह भ्रामक है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मृत लोगों के नाम मतदाता सूची में बने रहने देना क्या उचित है? उन्होंने पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के बाद भाजपा की जीत के आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिन 20 विधानसभा क्षेत्रों में सबसे अधिक नाम कटे, उनमें से अधिकतर पर तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पात्रा ने कहा कि पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के दायरे में हो रही है। उन्होंने दावा किया कि उच्चतम न्यायालय ने भी इस प्रक्रिया को उचित बताया है।
उन्होंने प्रपत्र-6 को लेकर राहुल गांधी के आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रपत्र-6 में कोई संशोधन नहीं किया गया है। इसके साथ घोषणा पत्र जोड़ा गया है, जिसमें मतदाताओं से यह जानकारी मांगी जाती है कि वर्ष 2002, 2003 या 2004 में उनका नाम मतदाता सूची में कहां था।
पात्रा ने कहा कि युवाओं का मतदाता सूची में नाम नहीं जोड़े जाने का आरोप भी भ्रामक है। उन्होंने दावा किया कि 18 से 28 वर्ष आयु वर्ग के 2.37 करोड़ युवाओं के नाम अब तक मतदाता सूची में जोड़े जा चुके हैं। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें काम चोरी की आदत है, इसलिए वे वोट चोरी का नारा दे रहे हैं।