'मेरा 4 बार रेप किया'... महिला डॉक्टर ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में पुलिस अधिकारी की खुली पोल

Edited By Updated: 24 Oct, 2025 04:32 PM

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महाराष्ट्र के सतारा जिले में फलटण उपजिला अस्पताल की महिला डॉक्टर डॉ. संपदा मुंडे ने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उन्होंने पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने पर चार बार रेप और उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने पहले भी प्रशासन को अपनी परेशानी बताई थी, लेकिन...

Satara Suicide Case : महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटण इलाके में एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या ने पूरे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मृतका का नाम डॉ. संपदा मुंडे बताया गया है, जो फलटण उपजिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात थीं। जानकारी के मुताबिक, डॉ. मुंडे पिछले कुछ महीनों से पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के बीच चल रहे एक विवाद में फंसी हुई थीं। बताया जा रहा है कि एक मेडिकल जांच से जुड़े मामले में उनका पुलिस अधिकारियों से वाद-विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई थी। इसी तनाव के बीच उन्होंने गुरुवार को आत्महत्या कर ली।

सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

डॉ. मुंडे के सुसाइड नोट ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने अपने हाथ पर पेन से कुछ नाम लिखे थे और उन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइड नोट में लिखा है, “PSI गणेश बदने ने मेरा 4 बार रेप किया। मेरे मरने का कारण पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने हैं। पांच महीने से अधिक समय तक मेरा उत्पीड़न और बलात्कार हुआ।” मुख्यमंत्री के आदेश के बाद आरोपी पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित कर दिया गया है।

पहले भी जताई थी आत्महत्या की आशंका

मृतका ने 19 जून को फलटण के एसडीएम को पत्र लिखकर बताया था कि उन्हें फलटण ग्रामीण पुलिस विभाग के अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर ऐसा चलता रहा तो वह आत्महत्या कर लेंगी।

परिजनों के गंभीर आरोप

डॉ. संपदा मुंडे की रिश्तेदारों ने खुलासा किया कि डॉक्टर पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव डाला जा रहा था। उनकी एक रिश्तेदार ने कहा, “वह हमें बताती थी कि कुछ अधिकारी उसे कहते हैं – रिपोर्ट बदल दो। डीवाईएसपी को उसने शिकायत दी थी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वह बहुत तनाव में थी और कहती थी कि अगर यह सब चलता रहा तो मैं सुसाइड कर लूंगी।” एक अन्य रिश्तेदार ने बताया कि उसने एसपी और डीएसपी को भी पत्र लिखकर अपनी जान को खतरा बताया था, लेकिन किसी ने कार्रवाई नहीं की। उसकी हथेली पर दो नाम पुलिस निरीक्षक गोपाल बदने और प्रशांत बनकर साफ लिखे मिले हैं।

सरकार और आयोग की सख्त प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सतारा के पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है और संबंधित अधिकारियों को तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग ने भी मामले का संज्ञान लिया है और सतारा पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। फलटण सिटी पुलिस ने BNS की धारा 64(2)(N) और 108 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी गोपाल बदने व प्रशांत बनकर की तलाश में सर्च टीम भेजी गई है।

इस घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्यकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चिकित्सा संगठन कह रहे हैं कि डॉक्टरों पर प्रशासनिक दबाव, काम का बोझ और उत्पीड़न जैसे हालात उन्हें चरम कदम उठाने पर मजबूर कर रहे हैं। डॉक्टरों के संघों ने सरकार से मांग की है कि डॉ. संपदा मुंडे को न्याय मिले, दोषियों को सख्त सजा दी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों के लिए मानसिक सहायता और सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया जाए।

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