अब पासवर्ड का जमाना खत्म! गूगल ला रहा है ये नया सिस्टम, लेकिन भारतीयों की बढ़ेगी मुश्किलें

Edited By Updated: 12 Jan, 2026 03:51 PM

say goodbye to passwords tech companies adopt passwordless passkey

अब पासवर्ड का जमाना धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। बड़ी टेक कंपनियों ने माना है कि पारंपरिक पासवर्ड न सिर्फ असुरक्षित हैं, बल्कि यूज़र अनुभव के लिए भी कमजोर साबित हो रहे हैं। इसी कारण Passkey और FIDO आधारित पासवर्डलेस लॉगिन सिस्टम तेजी से अपनाया जा...

नेशनल डेस्क : अब पासवर्ड का जमाना धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों ने यह मान लिया है कि पारंपरिक पासवर्ड न केवल सुरक्षा के लिहाज से कमजोर हैं, बल्कि यूज़र अनुभव को भी प्रभावित करते हैं। इसी कारण Passkey और FIDO आधारित पासवर्डलेस लॉगिन सिस्टम तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और अन्य बड़े प्लेटफॉर्म इसे सुरक्षित और फिशिंग-प्रूफ विकल्प के रूप में बढ़ावा दे रहे हैं।

Passkey क्या है और क्यों है खास

Passkey एक नया लॉगिन तरीका है जिसमें पासवर्ड की जरूरत नहीं होती। लॉगिन आपके डिवाइस और बायोमेट्रिक जैसे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी पर आधारित होता है। सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह तरीका फिशिंग से लगभग पूरी तरह सुरक्षित है। आसान शब्दों में कहें तो आपका फोन पासवर्ड की तरह काम करता है।

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टेक कंपनियों का रुख

FIDO अलायंस के अनुसार, पिछले दो सालों में Passkey सपोर्ट करने वाले अकाउंट्स की संख्या अरबों तक पहुंच चुकी है। गूगल ने इसे भविष्य का डिफॉल्ट लॉगिन माना है, जबकि माइक्रोसॉफ्ट नए यूज़र्स को पासवर्ड के बिना अकाउंट बनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। टेक इंडस्ट्री में यह पहली बार हो रहा है कि पासवर्ड हटाने की कोशिश बड़े पैमाने पर हो रही है।

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    भारत में चुनौती

    भारत में Passkey सिस्टम को अपनाने में कुछ चुनौतियां हैं। यहां फोन शेयर करना आम है और एक ही डिवाइस कई लोग इस्तेमाल करते हैं। फोन खो जाने, चोरी होने या खराब होने की स्थिति में अकाउंट रिकवरी सबसे बड़ी समस्या बन सकती है। अभी तक Passkey का आसान और एक जैसा रिकवरी सिस्टम सभी प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं है।

    डिवाइस शेयरिंग और प्राइवेसी

    डिवाइस शेयरिंग भारत में एक बड़ी चुनौती है। अगर एक फोन पर कई लोगों के अकाउंट हैं, तो Passkey में प्राइवेसी और एक्सेस कंट्रोल बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। कई प्लेटफॉर्म मजबूरी में बैकअप के तौर पर पुराने लॉगिन विकल्प भी रखते हैं, जिससे Passkey का सुरक्षा फायदा कम हो जाता है।

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    क्या करें यूज़र्स

    अगर आपका फोन सिर्फ आपका है और आप किसी के साथ शेयर नहीं करते हैं, तो Passkey का इस्तेमाल सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। Gmail और कई अन्य अकाउंट में Passkey ऐड करने का ऑप्शन मौजूद है। वहीं अगर पासवर्ड मैनेज करना है, तो 1Password जैसे पेड ऐप्स का उपयोग किया जा सकता है।


     

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