Edited By Rohini Oberoi,Updated: 19 Feb, 2026 01:02 PM

दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे टेक इवेंट में एक चार पैरों वाला रोबोट आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित यह रोबोट दरअसल चीनी कंपनी 'Unitree Robotics' का मॉडल Unitree Go2 है। इस रोबोट की लोकप्रियता ने एक दिलचस्प कानूनी...
Robot Dog : दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे टेक इवेंट में एक चार पैरों वाला रोबोट आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदर्शित यह रोबोट दरअसल चीनी कंपनी 'Unitree Robotics' का मॉडल Unitree Go2 है। इस रोबोट की लोकप्रियता ने एक दिलचस्प कानूनी सवाल को जन्म दिया है क्या रोबोट का भी इंसानों की तरह पेटेंट कराया जा सकता है?
क्या रोबोट का पेटेंट संभव है?
जी हां बिल्कुल! अगर कोई रोबोट अपनी बनावट या काम करने के तरीके में नया और अनोखा है तो उसे पेटेंट का कानूनी सुरक्षा कवच मिल सकता है। रोबोट के मामले में पेटेंट सिर्फ मशीन (हार्डवेयर) का ही नहीं बल्कि इनके भी होते हैं:
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सॉफ्टवेयर और एल्गोरिद्म: वह दिमाग जिससे रोबोट सोचता है।
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एआई और मशीन लर्निंग: रोबोट के सीखने की क्षमता।
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सेंसर तकनीक: बाधाओं को पहचानने और संतुलन बनाने का सिस्टम।
कौन होता है असली आविष्कारक?
कानून के अनुसार रोबोट खुद अपना पेटेंट नहीं करा सकता। भले ही रोबोट का डिजाइन एआई ने बनाया हो लेकिन भारत, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में इंसान को ही आविष्कारक (Inventor) माना जाता है। एआई सिस्टम को फिलहाल कानूनी रूप से यह दर्जा प्राप्त नहीं है।
पेटेंट कराने में कितना आता है खर्च?
भारत में रोबोट का पेटेंट कराना आपकी जेब पर कितना असर डालेगा आइए जानते हैं:
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भारत में: सरकारी फीस, ड्राफ्टिंग और वकील की फीस मिलाकर यह खर्च ₹25,000 से लेकर ₹1 लाख के बीच हो सकता है। बड़ी कंपनियों के लिए जटिलता के आधार पर यह राशि बढ़ सकती है।
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विदेशों में: अगर आप अमेरिका जैसे देश में पेटेंट चाहते हैं तो यह खर्च $5,000 से $16,000 (लगभग ₹4 लाख से ₹13 लाख) तक जा सकता है।
दुनिया में किसका है दबदबा?
रोबोटिक्स की दुनिया में इस वक्त चीन सबसे आगे है जिसने इंडस्ट्रियल रोबोट्स में भारी संख्या में पेटेंट हासिल किए हैं। अमेरिका मेडिकल और एआई आधारित रोबोटिक्स में मजबूत है जबकि जापान ऑटोमेशन का किंग माना जाता है। भारत में भी अब हेल्थकेयर और कृषि क्षेत्र में रोबोटिक पेटेंट की रफ्तार तेज हुई है।
कहां करें आवेदन?
भारत में आविष्कार को सुरक्षित करने के लिए 'भारतीय पेटेंट कार्यालय' में आवेदन करना होता है। वहीं अगर आप चाहते हैं कि आपके रोबोट की नकल पूरी दुनिया में न हो तो WIPO के जरिए अंतरराष्ट्रीय आवेदन किया जाता है।