Edited By Tanuja,Updated: 04 Nov, 2026 04:50 PM

सऊदी अरब के रियाद हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल एक और भारतीय नागरिक की आईसीयू में मौत हो गई। इससे हमले में जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या दो और कुल मृतकों की संख्या 14 हो गई। दूतावास परिवार की सहायता करेगा।
Dubai: सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर को हुए हमले में गंभीर रूप से घायल एक और भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। मृतक का अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में इलाज चल रहा था। इस हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिकों की संख्या अब दो हो गई है। रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर कहा कि अत्यंत दुख के साथ यह जानकारी दी जा रही है कि हमले में गंभीर रूप से घायल एक और भारतीय नागरिक का आईसीयू में निधन हो गया है।
दूतावास ने बताया कि वह शुरुआत से ही मृतक के परिवार के संपर्क में था और आगे भी उनके साथ बना रहेगा। दूतावास ने परिवार और मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। साथ ही आश्वासन दिया कि शव को भारत पहुंचाने या परिवार की इच्छा के अनुसार रियाद में ही अंतिम संस्कार कराने के लिए हरसंभव सहायता दी जाएगी।इस हमले में जान गंवाने वाले पहले भारतीय नागरिक की पहचान मोहम्मद यूसुफ अली के रूप में हुई थी। उनका 12 अक्टूबर को रियाद में अंतिम संस्कार किया गया था। अब दूसरे घायल भारतीय की मौत के बाद इस हमले में जान गंवाने वाले भारतीयों की संख्या दो हो गई है। भारतीय दूतावास ने 23 अक्टूबर को बताया था कि दो घायल भारतीय आईसीयू में भर्ती थे, जबकि दो अन्य का अस्पताल के सामान्य वार्ड में इलाज चल रहा था। इसके अलावा सात घायल भारतीयों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी थी।
सऊदी अरब के नागर विमानन प्राधिकरण ने शुरुआत में बताया था कि 10 अक्टूबर को हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए थे। इसके बाद एक घायल भारतीय नागरिक की मौत से मृतकों की संख्या 13 हो गई थी। अब दूसरे भारतीय नागरिक के निधन के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 14 पहुंच गया है। सऊदी अरब ने इस हमले के लिए यमन के ईरान समर्थित हुती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, हुती समूह ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले के बाद से ही घायलों का इलाज जारी था और भारतीय दूतावास प्रभावित नागरिकों तथा उनके परिवारों के संपर्क में बना हुआ था।