करारी शिकस्त से बौखलाए ट्रंप; विदेश मंत्री मार्को रूबियो को कर सकते आऊट, भारत से सीधे व्हाइट हाउस में जगह ले सकता ये शख्स

Edited By Updated: 05 Nov, 2026 06:59 PM

us midterm fallout trump s india envoy sergio gor may replace marco rubio

अमेरिका में मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रंप प्रशासन में फेरबदल की चर्चा है। 'द वाशिंगटन सन' के मुताबिक, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को मार्को रूबियो की जगह विदेश मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि, गोर, व्हाइट हाउस और...

Washington: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को लगे झटके के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में बड़े बदलाव की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। अमेरिकी अखबार 'द वाशिंगटन सन' की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप अपनी टीम के शीर्ष पदों पर फेरबदल कर सकते हैं। इस संभावित बदलाव में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का नाम प्रमुखता से सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेश मंत्री मार्को रूबियो की जगह सर्जियो गोर को अमेरिका का नया विदेश मंत्री बनाया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ या विदेश मंत्रालय में किसी अन्य वरिष्ठ पद की जिम्मेदारी देने पर भी चर्चा होने का दावा किया गया है। हालांकि, अभी तक ट्रंप प्रशासन की ओर से किसी नियुक्ति या फेरबदल की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


अमेरिका में किस पद पर पहुंच सकते सर्जियो गोर?
'द वाशिंगटन सन' ने करीब 10 ऐसे अधिकारियों और लोगों के हवाले से यह रिपोर्ट प्रकाशित की है, जिन्हें प्रशासन के अंदरूनी विचार-विमर्श की जानकारी है। रिपोर्ट के अनुसार, सर्जियो गोर का नाम तीन महत्वपूर्ण पदों के लिए चर्चा में है।

  •  विदेश मंत्री: मार्को रूबियो की जगह विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी।
  •  व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ: सूजी वाइल्स की जगह राष्ट्रपति के कार्यालय का संचालन।
  •   विदेश उपमंत्री: क्रिस लैंडौ की जगह विदेश मंत्रालय में वरिष्ठ भूमिका।

 

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन में गोर की पहुंच और प्रभाव लगातार बढ़ा है। वह पहले व्हाइट हाउस के कार्मिक कार्यालय के प्रमुख रह चुके हैं और हजारों सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया में उनकी अहम भूमिका रही है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा मार्को रूबियो को लेकर हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, रिपब्लिकन पार्टी के कुछ नेताओं और विदेश मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि रूबियो भविष्य में राष्ट्रपति पद की दौड़ में उतरने की तैयारी के लिए कैबिनेट से बाहर हो सकते हैं। वर्ष 2028 या 2032 के राष्ट्रपति चुनाव को लेकर उनकी महत्वाकांक्षाओं की भी चर्चा है। हालांकि, रूबियो ने सार्वजनिक रूप से पद छोड़ने का कोई संकेत नहीं दिया है। इसी तरह व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूजी वाइल्स ने भी अपने पद से हटने की कोई घोषणा नहीं की है। विदेश उपमंत्री क्रिस लैंडौ का नाम भी संभावित बदलाव के संदर्भ में सामने आया है।

 

रिपोर्ट में उनके पद छोड़ने की संभावना का जिक्र किया गया है, लेकिन इस संबंध में भी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। इन खबरों के सामने आने के बाद भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने खुद अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने 'द वाशिंगटन सन' से बातचीत में इन दावों को पूरी तरह बकवास बताया। गोर ने कहा कि उनकी किसी दूसरे पद पर जाने में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं है और उन्होंने किसी के साथ पद बदलने को लेकर बातचीत नहीं की है। उन्होंने मार्को रूबियो की तारीफ करते हुए उन्हें अमेरिका के इतिहास का सबसे योग्य और शानदार विदेश मंत्री बताया। उन्होंने रूबियो को अपना करीबी दोस्त बताते हुए कहा कि वह उनके साथ काम करने को अपने जीवन का बड़ा सम्मान मानते हैं।व्हाइट हाउस और विदेश मंत्रालय ने भी इन खबरों को खारिज किया है। विदेश मंत्रालय के सहायक मंत्री डायलन जॉनसन ने कहा कि रूबियो और गोर के बीच बेहतरीन पेशेवर संबंध और निजी दोस्ती है। उन्होंने इन खबरों को अनाम सूत्रों के हवाले से फैलाई गई अफवाह बताया।

 

सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच निभाई  अहम भूमिका
भारत में अमेरिकी राजदूत बनने के बाद सर्जियो गोर ने दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संपर्कों में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और तत्कालीन सेना सचिव डैन ड्रिस्कॉल के भारत दौरों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी जिम्मेदारियां केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। वह दक्षिण और मध्य एशिया के विशेष दूत भी हैं। इस भूमिका में उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग यी सहित कई वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ बैठकों में हिस्सा लिया है। सोवियत संघ के दौर में उज्बेकिस्तान में जन्मे गोर की मध्य एशिया के मामलों में भी अच्छी पकड़ मानी जाती है। हाल ही में उन्होंने उज्बेकिस्तान में मार्को रूबियो के रणनीतिक दौरे में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!