Edited By Parveen Kumar,Updated: 12 Feb, 2026 07:04 PM

राजधानी भोपाल में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ एक ही नहीं, बल्कि चार अलग-अलग वाहनों में...
नेशनल डेस्क : राजधानी भोपाल में 11वीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा से जुड़े दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में जांच आगे बढ़ने के साथ नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की तफ्तीश में पता चला है कि आरोपी ने पीड़िता के साथ एक ही नहीं, बल्कि चार अलग-अलग वाहनों में अलग-अलग समय पर दुष्कर्म किया। मामले में इस्तेमाल की गई थार सहित चार कारों को जब्त कर लिया गया है।
मुख्य आरोपी पहले से जेल में, सहयोगी भी गिरफ्तार
इस मामले का मुख्य आरोपी औसाफ अली खान पहले ही 3 फरवरी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। वहीं उसका सहयोगी माज खान 8 फरवरी को पुलिस के हत्थे चढ़ा। फिलहाल उसे कोहेफिजा थाने में रिमांड पर रखकर पूछताछ की जा रही है। माज खान भोपाल में एक जिम संचालित करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर ने विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है, जिसकी जिम्मेदारी एसीपी अंकिता खातरकर को सौंपी गई है।
वीडियो बनाकर दी वायरल करने की धमकी
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने छात्रा के साथ खानूगांव क्षेत्र में खड़ी थार गाड़ी के भीतर दुष्कर्म किया। इस दौरान सहयोगी कार के बाहर से मोबाइल फोन के जरिए वीडियो रिकॉर्ड करता रहा। बाद में इसी वीडियो के आधार पर पीड़िता को धमकाकर 40 हजार रुपये वसूले गए। जांच में सामने आया है कि वीडियो शूट करने के लिए इस्तेमाल किया गया आईफोन अब तक बरामद नहीं हुआ है।
वाहन छिपाया गया, पुलिसकर्मी पर भी गिरी गाज
वारदात में उपयोग की गई थार को सीहोर जिले के एक गांव में छिपाया गया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी माज की पहचान कोहेफिजा थाने के एक हेड कांस्टेबल से थी, जिस पर गोपनीय जानकारी साझा करने का आरोप लगा। संबंधित पुलिसकर्मी को निलंबित कर दिया गया है।
SIT कर रही गहन जांच, 60 दिन में रिपोर्ट
विशेष जांच दल अब पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं या कोई और पीड़ित सामने आ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।