Edited By Parveen Kumar,Updated: 04 Feb, 2026 07:23 PM

अलीगढ़ में बैंक ऋण वसूली के सिलसिले में राजस्व अधिकारियों के घर पहुंचने पर 55 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उनके परिवार ने अधिकारियों पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकार दी। हालांकि,...
नेशनल डेस्क : अलीगढ़ में बैंक ऋण वसूली के सिलसिले में राजस्व अधिकारियों के घर पहुंचने पर 55 वर्षीय दिहाड़ी मजदूर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उनके परिवार ने अधिकारियों पर उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकार दी। हालांकि, अधिकारियों ने मजदूर के परिवार द्वारा लगाए गए इन आरोपों से इनकार किया है। मृतक की पहचान इस्माइल के रूप में हुई है। उन्हें मंगलवार को एक लाख रुपये के ऋण की किस्त के भुगतान में चूक के बाद राजस्व अधिकारियों की एक टीम द्वारा तहसील कार्यालय ले जाया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि वहां उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) सर्वम सिंह ने कहा कि इस्माइल के परिवार ने मंगलवार शाम बन्ना देवी थाने में राजस्व अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। सीओ ने पत्रकारों को बताया, "मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि मौत दिल का दौरा पड़ने के कारण हुई।"
इस्माइल की पत्नी शबाना परवीन के अनुसार, उनके पति ने 2014 में एक निजी बैंक से अपने 50 वर्ग मीटर के घर को गिरवी रखकर एक लाख रुपये का ऋण लिया था। उन्होंने बताया कि इस्माइल और उनका बेटा नियमित रूप से किस्तें चुका रहे थे, लेकिन हाल में वित्तीय बाधाओं के कारण एक किस्त के भुगतान में चूक हो गई थी। परवीन ने कहा कि बैंक ने इसके बाद अदालत का दरवाजा खटखटाया, जिसने बाद में राजस्व विभाग को वसूली के आदेश जारी किए।
परवीन ने पुलिस को बताया कि मंगलवार को जब वसूली टीम भीड़भाड़ वाले जीवनगढ़ इलाके में उनके घर पहुंची, तो अधिकारियों ने "कठोर और धमकी भरी भाषा" का इस्तेमाल किया, जिससे इस्माइल को तनाव हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारी उनके पति को अपने वाहन में राजस्व कार्यालय ले गए, जहां उनका स्वास्थ्य और बिगड़ गया।
परवीन ने दावा किया, "अधिकारियों द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के बाद वह सदमे में चले गए।" हालांकि, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पंकज कुमार ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वसूली टीम ने कोई कठोर व्यवहार नहीं किया और इस्माइल नोटिस दिए जाने के बाद "स्वयं" तहसील आए थे। इस्माइल के परिवार में उनकी पत्नी और दो बच्चे हैं। परिवार ने उनकी मृत्यु के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है।