Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Mar, 2026 11:21 AM

Share market today: मुंबई के शेयर बाजार में आज सुबह एक अलग ही रौनक देखने को मिली, जहां निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान और पोर्टफोलियो में हरियाली नजर आई। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने सुबह के 9:30 बजाए, भारतीय शेयर बाजार ने एक लंबी छलांग लगाई। सेंसेक्स...
Share market today: मुंबई के शेयर बाजार में आज सुबह एक अलग ही रौनक देखने को मिली, जहां निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान और पोर्टफोलियो में हरियाली नजर आई। जैसे ही घड़ी की सुइयों ने सुबह के 9:30 बजाए, भारतीय शेयर बाजार ने एक लंबी छलांग लगाई। सेंसेक्स करीब 926 अंकों की तूफानी तेजी के साथ 74,990 के बेहद करीब पहुंच गया, वहीं निफ्टी ने भी 300 अंकों से ज्यादा की बढ़त लेकर 23,216 का स्तर पार कर लिया। बाजार की इस 'रॉकेट' रफ्तार ने निवेशकों को गदगद कर दिया है।
इस जबरदस्त उछाल की सबसे बड़ी वजह सात समंदर पार अमेरिका से आई एक खबर बनी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के शांति प्रस्ताव ने वैश्विक बाजारों में नई जान फूंक दी है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, ट्रम्प की ओर से भेजे गए 15-सूत्रीय शांति फॉर्मूले और एक महीने के संभावित युद्ध-विराम की खबर ने दुनियाभर के निवेशकों को राहत की सांस लेने का मौका दिया है। युद्ध के बादल छंटने की इस उम्मीद ने भारतीय बाजार को पंख लगा दिए हैं।
भारत के लिए एक और सुकून देने वाली खबर कच्चे तेल की कीमतों से आई। वैश्विक उथल-पुथल के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल फिसलकर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। तेल की कीमतों में यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी बूस्टर डोज से कम नहीं है, क्योंकि इससे देश में महंगाई कम होने और कंपनियों के खर्च घटने की पूरी संभावना है। साथ ही, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई चेन के फिर से सामान्य होने की खबरों ने एनर्जी और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में नई ऊर्जा भर दी है।
बाजार के मौजूदा मिजाज को देखें तो चारों तरफ खरीदारी का माहौल है। बैंकिंग से लेकर आईटी और ऑटो सेक्टर तक, हर तरफ निवेशक दांव लगा रहे हैं। एशियाई बाजारों में आई तेजी और विदेशी निवेशकों के लौटते भरोसे ने भारतीय बाजार के हौसले बुलंद कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि अगर शांति वार्ता सफल रहती है, तो निफ्टी बहुत जल्द अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़कर नई ऊंचाइयों को छू सकता है।