Edited By jyoti choudhary,Updated: 20 Mar, 2026 03:32 PM

एक दिन पहले की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार (20 मार्च) को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सुबह करीब 11:30 बजे BSE Sensex 1,027 अंकों की तेजी के साथ 75,234 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 334 अंकों की उछाल के साथ 23,336 के पार...
बिजनेस डेस्कः एक दिन पहले की तेज गिरावट के बाद शुक्रवार (20 मार्च) को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार रिकवरी देखने को मिली। सुबह करीब 11:30 बजे BSE Sensex 1,027 अंकों की तेजी के साथ 75,234 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि Nifty 334 अंकों की उछाल के साथ 23,336 के पार कारोबार करता नजर आया।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 325.72 अंकों के उछाल के साथ 74,532.96 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में 112.35 अंक की तेजी रही, ये 23,114.50 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार की इस तेजी में सभी सेक्टरों का योगदान रहा। निफ्टी के 16 में से सभी सेक्टर इंडेक्स हरे निशान में रहे, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। Nifty Midcap 100 में करीब 1.5% और Nifty Smallcap 100 में 0.8% की बढ़त दर्ज की गई।
बाजार में तेजी के प्रमुख कारण
1. कच्चे तेल में नरमी
Brent Crude की कीमत घटकर करीब 107 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जिससे बाजार को राहत मिली। इससे पहले यह 119 डॉलर तक पहुंच गई थी। तेल में नरमी की वजह वेस्ट एशिया में तनाव कम होने के संकेत हैं।
2. वैल्यू बायिंग का असर
पिछले सत्र में 3% से ज्यादा की गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी की। तकनीकी रूप से 23,000 का स्तर मजबूत सपोर्ट साबित हुआ, जहां से बाजार ने तेजी पकड़ी।
3. ग्लोबल बाजारों से सकारात्मक संकेत
एशियाई बाजारों में मजबूती और अमेरिकी बाजारों में निचले स्तर से रिकवरी ने भी भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
4. जियोपॉलिटिकल तनाव में नरमी की उम्मीद
बेंजामिन नेतन्याहू के बयान और डोनाल्ड ट्रंप के संकेतों से यह उम्मीद जगी कि हालात जल्द काबू में आ सकते हैं, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना।
5. वोलैटिलिटी में कमी
India VIX में करीब 3% की गिरावट आई, जिससे यह संकेत मिला कि बाजार में डर कम हो रहा है और उतार-चढ़ाव घट सकता है।
6. हैवीवेट शेयरों में खरीदारी
Reliance Industries जैसे बड़े शेयरों में खरीदारी से बाजार को अतिरिक्त सहारा मिला और इंडेक्स को ऊपर खींचने में मदद मिली।
कुल मिलाकर, तेल की कीमतों में नरमी, वैल्यू बायिंग और बेहतर वैश्विक संकेतों ने मिलकर बाजार को मजबूत बढ़त दिलाई। आने वाले समय में बाजार की दिशा काफी हद तक वैश्विक हालात और कच्चे तेल की चाल पर निर्भर करेगी।