Gold Silver Prices : एक हफ्ते में चांदी ₹32,700 सस्ती... सोने में भी आई बड़ी गिरावट, क्या अभी और सस्ते होंगे दोनो धातु?

Edited By Updated: 22 Mar, 2026 12:36 PM

silver drops by 32 700 in a week gold also witnesses a major decline

मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बावजूद इस सप्ताह सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। सोना करीब ₹13,700 और चांदी लगभग ₹32,700 तक सस्ती हुई। इसका कारण अमेरिकी ब्याज दरों में मजबूती, डॉलर की ताकत और चीन की कम खरीदारी...

नेशनल डेस्क : मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक आर्थिक संकेतों के बीच इस सप्ताह सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों के लिए यह बदलाव चौंकाने वाला रहा, क्योंकि आमतौर पर ऐसे भू-राजनीतिक हालात में सोने की कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार उल्टा रुख देखने को मिला है।

एक हफ्ते में भारी गिरावट

बीते सप्ताह में सोने की कीमत में प्रति 10 ग्राम करीब 13,700 रुपये की कमी आई है। वहीं चांदी की कीमत में प्रति किलो लगभग 32,700 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
प्रतिशत के हिसाब से देखें तो सोना करीब 8.47% और चांदी लगभग 12.40% तक सस्ती हुई है।

अगर कीमतों की तुलना करें, तो महीने की शुरुआत में 24 कैरेट सोना 1,73,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था, जो अब घटकर करीब 1,45,970 रुपये रह गया है। इसी तरह चांदी, जो मार्च की शुरुआत में 3,15,000 रुपये प्रति किलो के उच्च स्तर पर थी, अब गिरकर लगभग 2,45,000 रुपये प्रति किलो पर आ गई है।

कीमतों में गिरावट की बड़ी वजहें

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और आर्थिक कारण काम कर रहे हैं:

1. ब्याज दरों का असर

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। जब ब्याज दरें अधिक होती हैं, तो निवेशक सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों के बजाय डॉलर और बॉन्ड में निवेश करना ज्यादा पसंद करते हैं। इससे सोने की मांग घटती है और कीमतों पर दबाव आता है।

2. डॉलर की मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का कारोबार डॉलर में होता है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य देशों के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है। इसका असर वैश्विक मांग पर पड़ता है और कीमतें गिरने लगती हैं।

3. चीन की खरीद में कमी

चीन, जो दुनिया का सबसे बड़ा सोना खरीदार माना जाता है, उसके केंद्रीय बैंक ने हाल के समय में सोने की खरीदारी धीमी कर दी है। इससे बाजार में संकेत गया कि बड़ी मांग कम हो रही है, जिसके चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी।

तनाव के बावजूद दबाव में सोना

हालांकि मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव बना हुआ है, फिर भी सोने की कीमतों पर दबाव देखने को मिल रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय बाजार का ध्यान महंगाई और ब्याज दरों पर ज्यादा केंद्रित है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इससे ऊर्जा आधारित महंगाई बढ़ने की चिंता और गहरा गई है, जो बाजार को प्रभावित कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस समय जल्दबाजी में सोने की खरीदारी करना सही रणनीति नहीं हो सकती।

  • निवेशकों को बाजार के स्थिर होने का इंतजार करना चाहिए
  • एकमुश्त निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर रहेगा
  • SIP (सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) के जरिए छोटे-छोटे हिस्सों में निवेश किया जा सकता है

विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। इसकी मुख्य वजह डॉलर इंडेक्स, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक तनाव बने रहना है।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड?

फिलहाल बाजार अनिश्चितता के दौर में है। निवेशकों को सतर्क रहने और सोच-समझकर फैसले लेने की जरूरत है। जब तक आर्थिक संकेत साफ नहीं होते, तब तक सोने और चांदी की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है।

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