Edited By Sahil Kumar,Updated: 22 Jan, 2026 02:12 PM
ग्लोबल शेयर बाजारों में तेजी के बीच चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। MCX पर चांदी करीब 9,000 रुपये प्रति किलो तक फिसली, जबकि सिल्वर ETF में 20% तक की गिरावट आई। निवेशकों की मुनाफावसूली से दबाव बढ़ा, हालांकि निचले स्तरों से हल्की रिकवरी...
नेशनल डेस्कः लंबे समय से रिकॉर्ड तेजी के दौर से गुजर रही चांदी को गुरुवार को जोरदार झटका लगा। ग्लोबल इक्विटी मार्केट में मजबूती आते ही निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश से हटता नजर आया, जिसका सीधा असर चांदी की कीमतों पर पड़ा। MCX पर चांदी के भाव करीब 9,000 रुपये तक लुढ़क गए, जबकि सिल्वर ETF में 20% तक की भारी गिरावट देखने को मिली। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से चांदी में हल्की रिकवरी भी दर्ज की गई।
सुबह करीब 11 बजे MCX पर चांदी की कीमत 9,146 रुपये प्रति किलो गिरकर 3,09,346 रुपये पर आ गई। यह स्तर अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 26,175 रुपये नीचे रहा। इसी दौरान सिल्वर ETF में भी भारी बिकवाली देखने को मिली और इनमें करीब 20% तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दिन के निचले स्तरों से चांदी ने कुछ रिकवरी जरूर दिखाई। 5 मार्च 2026 को एक्सपायर होने वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट में भी तेज गिरावट देखी गई। खबर लिखे जाने तक चांदी ने रिकवरी करते हुए अपनी गिरावट को करीब 7,000 रुपये तक सीमित कर लिया था, लेकिन कमजोरी बनी रही।
सिल्वर ETF में भारी गिरावट
गुरुवार को इंडियन सिल्वर एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETF) में 20% तक की तेज गिरावट देखने को मिली। इंटरनेशनल और फिजिकल मार्केट के मुकाबले इनमें मौजूद प्रीमियम खत्म हो गया, क्योंकि कीमती धातुओं में बढ़ी अस्थिरता के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF, ICICI प्रूडेंशियल सिल्वर ETF और कोटक सिल्वर ETF सुबह के कारोबार में 19–20% तक टूट गए और अपने इंडिकेटिव नेट एसेट वैल्यू (iNAV) से नीचे फिसल गए।
आगे कैसा रह सकता है चांदी का रुख
बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च डिलीवरी वाली चांदी की कीमत 1.79% गिरकर 92.94 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर बंद हुई थी। वहीं, घरेलू MCX पर मार्च कॉन्ट्रैक्ट की चांदी 1.60% की गिरावट के साथ 3,18,492 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी को 84 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के आसपास मजबूत सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 94.60 से 96.80 डॉलर के स्तर पर रुकावट देखने को मिल सकती है। MCX पर चांदी के लिए 3,14,000 से 3,06,000 रुपये का सपोर्ट जोन माना जा रहा है, जबकि 3,24,000 से 3,28,000 रुपये के बीच रेजिस्टेंस दिख रहा है।
अगर चांदी की कीमत 3,15,000 रुपये के ऊपर बनी रहती है, तो इसमें एक बार फिर तेजी देखने को मिल सकती है और भाव 3,35,000 से 3,50,000 रुपये तक पहुंच सकते हैं। वहीं, अगर कीमत 3,00,000 रुपये के नीचे फिसलती है, तो गिरावट बढ़कर 2,90,000 से 2,80,000 रुपये तक जा सकती है।