झारखंड के मंदिर में तोड़फोड़ से भड़के लोग, सड़कों पर विरोध प्रदर्शन, पुलिस ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश

Edited By Updated: 05 Oct, 2025 02:35 PM

simdega baghchandi temple vandalism police action

झारखंड के सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड स्थित बाघचंडी मंदिर में शनिवार रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ की। मुख्य दरवाजा, त्रिशूल और पूजा सामग्री क्षतिग्रस्त हुई। स्थानीय लोग आक्रोशित होकर सड़क पर उतर आए। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लिया...

नेशनल डेस्क : झारखंड के सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड में स्थित प्रसिद्ध बाघचंडी मंदिर में शनिवार रात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने तोड़फोड़ मचा दी। रविवार सुबह जब इस घटना की जानकारी फैली, तो इलाके के सैकड़ों लोग सड़क पर उतर आए और तोड़फोड़ करने वालों की तत्काल पहचान व कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे। विरोध में कोलेबिरा बाजार के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।

मंदिर में व्यापक क्षति
मंदिर के पुजारी पंचम सिंह ने बताया कि रविवार सुबह पूजा के लिए पहुंचने पर मंदिर का मुख्य द्वार टूटा हुआ मिला। बाहर लगा त्रिशूल उखाड़कर फेंक दिया गया था, जबकि परिसर में लगी लाइटें, गेट और पूजा सामग्री को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मुख्य पूजा स्थल से भी छेड़छाड़ की गई है और कई धार्मिक वस्तुओं को तोड़ा गया, जिससे स्पष्ट लगता है कि मंदिर की पवित्रता भंग करने का सुनियोजित प्रयास किया गया।

पुजारी ने आगे कहा, "यह घटना न केवल मंदिर की संपत्ति का नुकसान है, बल्कि हिंदू आस्था पर सीधा प्रहार है। हमारी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की यह कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।"

एक युवक हिरासत में
घटना की सूचना मिलते ही सिमडेगा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को हिरासत में ले लिया। दावा किया जा रहा है कि इसी युवक ने तोड़फोड़ को अंजाम दिया। सिमडेगा एसपी एम. अर्शी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में युवक के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की जानकारी सामने आई है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मंदिर परिसर का जायजा लिया और साक्ष्य संग्रहित किए।

एसपी अर्शी ने कहा, "हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस तैनाती बढ़ा दी गई है।"

राजनीतिक दलों व संगठनों ने की निंदा
इस घटना की निंदा करते हुए कोलेबिरा के कांग्रेस विधायक विक्सल कोंगाड़ी, पूर्व विधायक विमला प्रधान और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने एकजुट होकर विरोध जताया। हिंदू ब्रिगेड ने इसे जिले के शांतिपूर्ण सौहार्द को बिगाड़ने की गहरी साजिश करार दिया। संगठन के प्रवक्ता ने कहा, "कुछ असामाजिक तत्व जिले के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने पर तुले हुए हैं। कुछ दिन पहले इसी इलाके में एक चर्च पर हमला हुआ था, और अब मंदिर में तोड़फोड़। यह साफ साजिश का हिस्सा है।"

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाइक ने इसे आस्था और संस्कृति पर सीधा प्रहार बताया। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "इस सरकार में न सनातनी सुरक्षित हैं, न मंदिर और न ही सरना स्थल। धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन की लापरवाही उजागर हो रही है।" वहीं, जिला भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण बड़ाइक ने मांग की कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को तुरंत सजा दी जाए।

इलाके में तनाव
घटना के बाद कोलेबिरा बाजार में दुकानें बंद होने से सामान्य जीवन प्रभावित हो गया। सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया। स्थानीय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होते ही सभी दोषियों पर कार्रवाई होगी। यह घटना झारखंड के धार्मिक सद्भाव को चुनौती देने वाली लग रही है, और सभी पक्षों ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!