Edited By Tanuja,Updated: 26 Mar, 2026 02:47 PM

ईरान ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर टोल लगाने का कानून बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। युद्ध के बीच यह कदम वैश्विक तेल सप्लाई को और महंगा बना सकता है, जिससे कच्चे तेल के दाम $150 तक पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।
International Desk: ईरान की संसद एक नया कानून तैयार कर रही है, जिसके तहत Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों से “सुरक्षित रास्ते” के बदले टोल वसूला जाएगा। Fars News Agency की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक टोल की कोई आधिकारिक कीमत तय नहीं की गई है, लेकिन कीमत तेहरान (ईरान सरकार) तय करेगी। अलग-अलग जहाजों, कार्गो और देश के आधार पर शुल्क अलग हो सकता है। इसे अगले हफ्ते अंतिम रूप दिया जा सकता है। इस कदम का मकसद ईरान की इस जलमार्ग पर सार्वभौमिकता (control) को स्थापित करना है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
दुनिया के लगभग 20% तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है
यह खाड़ी देशों (सऊदी, UAE, कुवैत) को वैश्विक बाजार से जोड़ता है
यहां कोई भी बाधा सीधे तेल कीमतों को प्रभावित करती है
युद्ध से तेल और बाजार में उथल-पुथल
Rob Kapito के अनुसार युद्ध खत्म होने पर भी तेल सप्लाई सामान्य होने में समय लगेगा और कच्चा तेल $150 प्रति बैरल तक जा सकता है। बता दें कि कुछ घंटे पहले Donald Trump के नेतृत्व में युद्धविराम के लिए अमेरिका ने 15 पॉइंट का प्रस्ताव दिया था, जिसमें प्रतिबंधों में राहत, परमाणु कार्यक्रम सीमित करना, मिसाइल क्षमता पर रोक और होर्मुज को खोलना शामिल था लेकिन ईरान ने इसे ठुकरा दिया और हमलों को रोकने की गारंटी, युद्ध नुकसान की भरपाई, अपने अधिकारियों की सुरक्षा व होर्मुज पर नियंत्रण की मान्यता शर्तें रखीं ।
दुनिया की प्रतिक्रिया
- UAE के तेल मंत्री ने इसे “आर्थिक आतंकवाद” कहा
- शिपिंग कंपनियां इसे “टोल बूथ सिस्टम” मान रही हैं
- कई देशों ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया
ईरान का यह टोल प्लान सिर्फ आर्थिक कदम नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन को चुनौती है। अगर लागू हुआ, तो तेल कीमतें, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति—तीनों पर इसका गहरा असर पड़ेगा।