Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Jan, 2026 03:21 PM

महाराष्ट्र की राजनीति से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन के बाद न केवल राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है, बल्कि आम लोगों के मन में उपमुख्यमंत्री...
नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की राजनीति से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का आज सुबह बारामती में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया। उनके निधन के बाद न केवल राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है, बल्कि आम लोगों के मन में उपमुख्यमंत्री पद से जुड़े नियमों और मिलने वाली सुविधाओं को लेकर भी कई सवाल हैं।
उपमुख्यमंत्री का पद और संवैधानिक दर्जा
भले ही राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से डिप्टी सीएम का पद बहुत ताकतवर माना जाता है, लेकिन तकनीकी रूप से यह कोई 'संवैधानिक पद' नहीं है। संविधान में अलग से उपमुख्यमंत्री के लिए कोई नियम नहीं हैं।
-रैंक और प्रोटोकॉल के मामले में उन्हें कैबिनेट मंत्री के समान दर्जा दिया जाता है।
-उन्हें मिलने वाली सभी सुविधाएं और नियम कैबिनेट मंत्री के आधार पर ही तय होते हैं।
वेतन और पेंशन के नियम
अजित पवार या किसी भी पूर्व मंत्री की पेंशन और वेतन 'महाराष्ट्र विधानमंडल सदस्य पेंशन अधिनियम, 1976' के तहत तय किए जाते हैं।
| विवरण |
पेंशन राशि (अनुमानित) |
| मासिक पेंशन |
₹50,000 प्रति माह |
| अतिरिक्त सेवा का लाभ |
5 साल से ज्यादा कार्यकाल होने पर हर साल के लिए ₹2,000 अतिरिक्त |
| परिवार पेंशन |
निधन के बाद जीवनसाथी को ₹40,000 प्रति माह |
पेंशन की गणना कैसे होती है?
पेंशन तय करते समय केवल विधायक रहने का समय नहीं देखा जाता। यदि किसी नेता ने निम्नलिखित पदों पर काम किया है, तो उस पूरी अवधि को जोड़कर पेंशन की अंतिम राशि बढ़ाई जा सकती है:
-
कैबिनेट मंत्री या राज्य मंत्री।
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विधानसभा अध्यक्ष या परिषद सभापति।
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उपमुख्यमंत्री या उपमंत्री।
परिवार के लिए क्या प्रावधान हैं?
नियमों के अनुसार, यदि किसी पूर्व विधायक या मंत्री का निधन हो जाता है, तो उनके पति या पत्नी को पारिवारिक पेंशन दी जाती है। वर्तमान नियमों के तहत यह राशि 40,000 रुपये प्रति माह निश्चित की गई है। महाराष्ट्र में समय-समय पर इन राशियों में संशोधन होता रहा है; उदाहरण के लिए, 2005 में जो पेंशन महज 6,000 रुपये थी, वह अब बढ़कर 50,000 रुपये तक पहुंच चुकी है।