Edited By Anu Malhotra,Updated: 08 Mar, 2022 03:25 PM

अब तक 50,000 से ज्यादा सांपों को बचा चुकी वनिता जगदेव बोराडे को आज महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति ने अपने हाथों से दिया जोकि अपने आप में गर्व की बात है।
नई दिल्ली: अब तक 50,000 से ज्यादा सांपों को बचा चुकी वनिता जगदेव बोराडे को आज महिला दिवस के मौके पर नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें राष्ट्रपति ने अपने हाथों से दिया जोकि अपने आप में गर्व की बात है।
बता दें कि वनिता को वन्यजीव संरक्षण के लिए उनके विशेष प्रयासों के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया गया है। वह सांपों को बचाने के साथ ही उनके संरक्षण के लिए जागरुकता अभियान भी चलाती हैं। 50 हजार से ज्यादा सांपों को बचाने के कारण उन्हें 'सांपों का मित्र' कहा जाता है। वह सांपों को ऐसे पकड़ती हैं जैसे लोग अपने दोस्तों से मिलते हैं। सांपों के साथ उनकी तस्वीर देखकर लोगों के पसीने छूट जाएं लेकिन वह सांपों को हाथ लिए भी काफी शांत रहती हैं।
वहीं नारी शक्ति पुरस्कार के सम्मान के साथ भारतीय डाकघर मे भी उनके लिए एक डाक टिकट जारी कर उन्हें सम्मानित किया है। इसे पहले महाराष्ट्र सरकार उन्हें छत्रपति शिवाजी महाराज वनश्री पुरस्कार से सम्मानित कर चुकी है।
वह Soyre Vanchare Multipurpose Foundation की संस्थापक हैं, जो प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करता है। बता दें कि आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कुल 29 महिलाओं को नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया।