Edited By Mehak,Updated: 25 Jan, 2026 07:22 PM

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि समय पर हुई बर्फबारी प्रदेश के लिए वरदान साबित हुई है। इससे पर्यटन गतिविधियां बढ़ी हैं और जलस्तर बहाल होने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि बर्फबारी नहीं होती तो गर्मियों में पानी की कमी का सामना...
नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को कहा कि इस केंद्रशासित प्रदेश में हुई बर्फबारी लोगों के लिए वरदान साबित हुई है, क्योंकि इससे पर्यटकों का आना शुरू हो गया है और जलस्तर भी बहाल होगा। अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में समय पर हुई बर्फबारी से लोगों को फायदा होगा, क्योंकि कम वर्षा से सूखे जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती थी।
मुख्यमंत्री ने उत्तरी कश्मीर में बारामूला जिले के स्कीइंग रिसॉर्ट गुलमर्ग में पत्रकारों से कहा, ‘‘इस बार चिल्ला-ए-कलां में बर्फबारी हुई है, जो अच्छी बात है। लोग (पर्यटक) अब यहां आने लगे हैं, क्योंकि वे बर्फबारी का इंतजार कर रहे थे।'' उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह बर्फबारी न होती तो गर्मियों में हमें पानी की कमी का सामना करना पड़ता।'' श्रीनगर समेत कश्मीर के कई हिस्सों में रविवार को फिर से हिमपात हुआ। इसके कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया। अब्दुल्ला ने बताया कि वह हिमपात के बाद की स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को यहां पहुंचे।

उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए गए पुनर्निर्माण कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। भाजपा नेता तरुण चुघ द्वारा नेशनल कांफ्रेंस को जम्मू राज्य की मांग के लिए दोषी ठहराए जाने के बारे में पूछे जाने पर, अब्दुल्ला ने कहा कि उनकी पार्टी तो जम्मू-कश्मीर से लद्दाख के अलग होने के भी खिलाफ है। उन्होंने कहा, ‘‘उसने (भाजपा ने) लद्दाख को बर्बाद कर दिया है।

हम लद्दाख के अलग होने के खिलाफ रहे हैं और हम जम्मू के अलग होने के भी खिलाफ हैं। मैं कश्मीर में (भाजपा के) कई नेताओं और उनके करीबी लोगों के नाम बता सकता हूं, जिन्होंने यह मुद्दा उठाया है।'' अब्दुल्ला ने कहा कि अगर अलग जम्मू राज्य की मांग भाजपा का रुख नहीं है तो यह ‘अच्छी बात' है।