सोनम वांगचुक को मेदांता अस्पताल ले जाने की मंजूरी, दिल्ली HC का बड़ा फैसला

Edited By Updated: 21 Jul, 2026 02:59 PM

sonam wangchuk allowed to be transferred to medanta hospital a major decision

सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आज मंगलवार 21 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने की अनुमति दे दी है। यह...

नेशनल डेस्क: सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आज मंगलवार 21 जुलाई को उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में इलाज के लिए ले जाने की अनुमति दे दी है। यह फैसला उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो की याचिका पर सुनवाई के बाद आया।

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आप को बता दें कि लद्दाख के इस कार्यकर्ता को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन 18 जुलाई को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जब डॉक्टरों ने चेतावनी दी थी कि लंबे समय से जारी उपवास से उनके जान को खतरा हो सकता है। सोमवार को विरोध प्रदर्शन के बाद उन्होंने एलान किया कि वह तब तक आंदोलन जारी रखेंगे, जब तक कि नीट-यूजी पेपर लीक को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवा नेताओं को संसद भवन के भीतर सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती या सांसद खुद अस्पताल में उनसे मिलने नहीं आते।  उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो के साझा हस्तलिखित संदेश में वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व वाले आंदोलन में भाग ले रहे छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की है और संसद की ओर विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कारर्वाई की आलोचना की है।

 

उन्होंने लिखा, 'मैं अपना उपवास जारी रखूंगा (23वां दिन)। शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे युवाओं के साथ जिस तरह की बर्बरता की जा रही है, उसे देखते हुए मैंने अपना उपवास तब तक जारी रखने का फैसला किया है, जब तक कि युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती या मुझे अस्पताल में उनसे मिलने नहीं दिया जाता।

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