Edited By Rahul Rana,Updated: 11 Aug, 2026 02:00 PM

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़े मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़े मामले पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) से SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए नामों से संबंधित अपीलों के निपटारे की जानकारी मांगी है। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष कितनी अपीलें आईं, उनमें से कितनी का निपटारा हो चुका है और कितनी अभी लंबित हैं।
याचिका पर ECI को नोटिस
मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिका में पश्चिम बंगाल के हर ब्लॉक में SIR से जुड़े मामलों के लिए ट्रिब्यूनल की व्यवस्था करने और अपीलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। सुनवाई के दौरान अदालत का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि मतदाता सूची से जुड़े विवादों में अपील की प्रक्रिया किस तरह काम कर रही है और अब तक कितने मामलों का समाधान किया गया है।
ECI से मांगा अपीलों का पूरा ब्योरा
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देश दिया कि वह SIR से संबंधित अपीलीय ट्रिब्यूनल के समक्ष आई अपीलों और उनके निपटारे से जुड़ा डेटा उपलब्ध कराए। अदालत के सामने यह जानकारी महत्वपूर्ण है, क्योंकि मतदाता सूची में नाम को लेकर किसी भी विवाद के मामले में संबंधित व्यक्ति के पास अपील का रास्ता उपलब्ध है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने संकेत दिया कि वह ट्रिब्यूनल के लिए एक तय समय-सीमा निर्धारित नहीं कर सकती, लेकिन मामलों के निपटारे की स्थिति और आंकड़ों की जानकारी चाहती है।
PDS से जुड़ी शिकायत पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) का लाभ नहीं मिलने से जुड़ी शिकायत का मुद्दा भी सामने आया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस शिकायत को अलग मामले के तौर पर कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष उठाया जाना होगा।