Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Mar, 2026 05:28 PM

Suryakumar Yadav: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जैसे ही भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से शिकस्त देकर तीसरी बार T20 World Cup 2026 की ट्रॉफी चूमी, पूरा देश जश्न में डूब गया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद हर तरफ टीम इंडिया की गाथा की गूंज है, लेकिन...
Suryakumar Yadav: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जैसे ही भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रनों से शिकस्त देकर तीसरी बार T20 World Cup 2026 की ट्रॉफी चूमी, पूरा देश जश्न में डूब गया। इस ऐतिहासिक जीत के बाद हर तरफ टीम इंडिया की गाथा की गूंज है, लेकिन एक ऐसी तस्वीर भी सामने आई जिसने करोड़ों भारतीयों को भावुक कर दिया। जीत की खुशी मनाने से पहले कप्तान सूर्यकुमार यादव सीधे पिच पर पहुंचे और वहां की मिट्टी को अपने माथे से लगाया।
सूर्या का यह सादगी भरा अंदाज सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया। हर कोई उनके इस खेल के प्रति समर्पण और सम्मान की तारीफ कर रहा है। जब सूर्या मुंबई वापस लौटे, तो उन्होंने इस खास पल के पीछे की भावना को साझा करते हुए बताया कि जिस पिच ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया और जीवन में सब कुछ दिया, उसके प्रति सम्मान व्यक्त करना उनके लिए सबसे ज्यादा जरूरी था।
भले ही इस वर्ल्ड कप में कप्तान सूर्या का बल्ला उनकी ख्याति के अनुरूप बहुत ज्यादा नहीं बोला, लेकिन उनकी जादुई कप्तानी ने सभी आलोचकों का मुंह बंद कर दिया। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट के 9 मैचों में 30.25 की औसत से 242 रन बनाए, जिसमें एक नाबाद 84 रनों की शानदार पारी और एक अर्धशतक शामिल रहा। हालांकि, मैदान पर उनके लिए गए फैसलों की गूंज उनके रनों से कहीं ज्यादा रही।
खासकर इंग्लैंड के खिलाफ मैच में जसप्रीत बुमराह का जिस तरह से उन्होंने इस्तेमाल किया, वह मास्टरस्ट्रोक साबित हुआ। पावरप्ले के दौरान बुमराह को पांचवां ओवर थमाना और फिर पारी के आखिरी पांच ओवरों में से दो ओवर जस्सी को बचाकर रखना, उनके बेहतरीन गेम सेंस को दर्शाता है। यही वजह है कि आज सूर्या की कप्तानी को आंकड़ों के तराजू में नहीं तौला जा सकता, क्योंकि उनके फैसलों ने भारत को विश्व विजेता बनाने में सबसे अहम भूमिका निभाई।