तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष अलागिरी ने किया 'असंसदीय' शब्दों का इस्तेमाल, पार्टी में बढ़ा विरोध

Edited By Updated: 04 Dec, 2022 03:14 PM

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तमिलनाडु कांग्रेस के अध्यक्ष अलागिरी ने पार्टी मुख्यालय में कहासुनी के बाद एक बैठक में ‘असंसदीय' शब्दों का इस्तेमाल किया है।

नेशनल डेस्क: तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता के सेल्वापेरुनथंगई ने आरोप लगाया है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के एस अलागिरि ने पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर पार्टी मुख्यालय में कहासुनी के बाद एक बैठक में ‘असंसदीय' शब्दों का इस्तेमाल किया और पार्टी कार्यकर्ता उनसे असंतुष्ट हैं। सेल्वापेरुनथंगई ने एक साक्षात्कार में कहा कि तमिलनाडु में पार्टी को नए नेता का इंतजार है तथा पार्टी के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव शीघ्र होने की संभावना है।

श्रीपेरुम्बदुर से विधायक सेल्वापेरुनथंगई ने कहा कि वह प्रदेश में पार्टी के शीर्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए आलाकमान द्वारा उम्मीदवारों की सूची बनाए जाने की पार्टी के अंदर चल रही चर्चा के बारे उन्होंने कहा, ‘‘जो सप्ताह में सातों दिन और चौबीसों घंटे काम कर सके तथा पूरे समर्पण भाव से पार्टी की अगुवाई कर सके एवं भाजपा की फासीवादी नीतियों का डटकर मुकाबला कर सके, केवल उसके ही तमिलनाडु कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने की संभावना है।''

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के नेताओं ने राज्य के राजनीतिक परिदृश्य को तथा पार्टी को नेतृत्व प्रदान करने के लिए जिस जोश-खरोश की जरूरत है, उसे अच्छी तरह समझ लिया है। उन्होंने कहा,‘‘ हमारे अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मंझे हुए नेता हैं और हम नियुक्ति का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हमें विश्वास है कि वह उपयुक्त व्यक्ति को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नियुक्त करेंगे।'' नवंबर में दो गुटों के बीच झड़प, बाद की बातचीत तथा विधायक रूबी आर मनोहरन के निलंबन पर कांग्रेस द्वारा रोक लगाए जाने को पार्टी कार्यकर्ताओं का एक वर्ग अलागिरि के अधिकारों में ‘कटौती' के संकेत के रूप में देख रहा है।

पिछले महीने तिरुनेलवेली के पार्टी कार्यकर्ताओं ने पार्टी द्वारा क्षेत्रीय स्तर की गयीं दो नियुक्तियों का विरोध किया था और दावा किया था कि ये दोनों ही अपात्र हैं तथा पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। प्रदर्शन के रूप में शुरू हुईं चीजें बाद में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प में तब्दील हो गईं। दोनों गुट मनोहरन एवं अलागिरि के समर्थकों के गुट के रूप में देखे जा रहे हैं। इसके बाद इस मुद्दे का हल करने के लिए पार्टी मुख्यालय में शीर्ष नेताओं की एक बैठक हुई थी। उस बैठक में भाग ले चुके सेल्वापेरुनथंगई ने कहा कि अलागिरि ने प्रदेश कांग्रेस मामलों के प्रभारी केंद्रीय कांग्रेस नेताओं-दिनेश गुंडूराव और शिरिवेला प्रसाद की उपस्थिति में ‘असंसदीय' शब्दों का इस्तेमाल किया और वह बैठक से चले गए। 

 

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