पंजाब केसरी समूह पर भगवंत मान सरकार का हमला

Edited By Updated: 16 Jan, 2026 12:43 AM

the bhagwant mann government s attack on the punjab kesari group

लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर एक बार फिर पंजाब की भगवंत मान सरकार ने हमला किया है। पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी समूह की आवाज दबाने के लिए उनकी प्रेस और अन्य संस्थाओं पर कार्रवाई की जा रही है।

जालंधर/बठिंडा (विशेष): लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया पर एक बार फिर पंजाब की भगवंत मान सरकार ने हमला किया है। पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी समूह की आवाज दबाने के लिए उनकी प्रेस और अन्य संस्थाओं पर कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में आज समूह की बठिंडा प्रिंटिंग प्रेस में रेड डाली गई, कुछ कर्मचारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया और कुछ के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया गया, जिन्हें सिविल अस्पताल बठिंडा में भर्ती कराया गया है।

इसी तरह, जालंधर स्थित सूरानुसी प्रिंटिंग प्रेस में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उच्च अधिकारी और कर्मचारी पुलिस बल के साथ जबरदस्ती अंदर घुसे और अखबार के कर्मचारियों के साथ मारपीट की। उच्च अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर अंदर के गेट का ताला तोड़ा, जबरदस्ती सैंपल भरे और एक व्यक्ति को हिरासत में ले गए। ये सभी अधिकारी बिना किसी नोटिस और सूचना के आए थे और कह रहे थे कि यह ऊपर से आदेश है।

इस संबंध में पंजाब केसरी प्रबंधकों ने स्थिति की जानकारी लिखित रूप में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और मुख्यमंत्री भगवंत मान को भेजी है। पत्र में सरकार द्वारा प्रेस पर की गई कार्रवाइयों का विवरण इस प्रकार दिया गया है।

अखबार प्रबंधकों के अनुसार, “हम हाल की कुछ घटनाओं को लेकर अपनी गहरी चिंता और पीड़ा व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रहे हैं। इन घटनाओं से यह गंभीर आशंका है कि पंजाब सरकार एक योजनाबद्ध तरीके से पंजाब केसरी समूह और उससे जुड़े संस्थानों को विशेष रूप से निशाना बना रही है, जिसका उद्देश्य प्रेस को डराना और दबाव में लेना प्रतीत होता है।”

पत्र में लिखा गया है कि यह घटनाक्रम 31 अक्टूबर, 2025 को प्रकाशित एक समाचार से शुरू हुआ, जो पंजाब में सत्ता धारी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर से जुड़े विरोधी गुट के आरोपों पर आधारित संतुलित और निष्पक्ष रिपोर्ट थी।

इसके बाद 2 नवम्बर, 2025 से पंजाब सरकार ने पंजाब केसरी समूह को दिए जाने वाले सभी सरकारी विज्ञापन बंद कर दिए। उल्लेखनीय है कि पंजाब केसरी समूह पंजाब में सबसे अधिक प्रसारित हिंदी और पंजाबी दैनिक अखबार प्रकाशित करता है। आर्थिक दबाव के बावजूद हमने स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता जारी रखी, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पंजाब केसरी और इसके प्रमोटर्स के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

हाल के दिनों में पंजाब केसरी समूह के प्रमोटर चोपड़ा परिवार के खिलाफ की गई कार्रवाइयां:

  • 10 जनवरी, 2026 – जालंधर स्थित पार्क प्लाजा होटल (चोपड़ा होटल्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित) पर एफ.एस.एस.ए.आई. की रेड।
  • 12 जनवरी, 2026 – जालंधर होटल पर जी.एस.टी. विभाग की रेड।
  • 12 जनवरी, 2026 – जालंधर होटल पर आबकारी विभाग की रेड।
  • 12 जनवरी, 2026 – लुधियाना स्थित फोकल पॉइंट प्रेस जगत विजे प्रिंटर्स पर फैक्ट्री विभाग के उप-निदेशक और लेबर विभाग के सहायक लेबर कमिश्नर द्वारा संयुक्त रेड।
  • 12 जनवरी, 2026 – जालंधर सिविल लाइंस स्थित पंजाब केसरी प्रिंटिंग प्रेस पर फैक्ट्री विभाग के उप-निदेशक और लेबर विभाग के सहायक लेबर कमिश्नर द्वारा संयुक्त रेड।
  • 13 जनवरी, 2026 – जालंधर स्थित चोपड़ा होटल पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रेड।
  • 13 जनवरी, 2026 – जालंधर ज़ोन के कलेक्टर-कम-आबकारी विभाग द्वारा लाइसेंस रद्द करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 14 जनवरी, 2026 को लाइसेंस रद्द कर दिया गया।
  • 14 जनवरी, 2026 – जालंधर होटल की बिजली आपूर्ति काट दी गई।
  • 15 जनवरी, 2026 – जालंधर होटल का जनरेटर सील कर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई।
  • 15 जनवरी, 2026 – लुधियाना, बठिंडा और जालंधर स्थित प्रिंटिंग प्रेसों पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा रेड और कार्रवाई।

इन कार्रवाइयों के कारण 15 जनवरी, 2026 से जालंधर, लुधियाना और बठिंडा स्थित विभिन्न प्रिंटिंग प्रेसों का संचालन प्रभावित या पूरी तरह बंद हो सकता है। सूरानुसी (जालंधर), फोकल पॉइंट (लुधियाना) और आई.जी.सी. बठिंडा स्थित प्रेस कॉम्प्लेक्सों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

जैसा कि आप जानते हैं, स्वर्गीय लाला जगत नारायण जी ने 1949 में हिंद समाचार की स्थापना की थी और पंजाब केसरी का प्रकाशन 1965 में शुरू हुआ। प्रेस की स्वतंत्रता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता जगजाहिर है। स्वर्गीय लाला जगत नारायण, स्वर्गीय श्री रमेश चंदर चोपड़ा समेत हमारे 60 से अधिक कर्मचारी, एजेंट, हॉकर और पत्रकारों ने पंजाब में आतंकवाद के दौरान निडर पत्रकारिता के कारण अपने प्राण गँवाए और कई घायल हुए। इसके बावजूद अखबार ने कभी दबाव के आगे आत्मसमर्पण नहीं किया और आगे भी स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करता रहेगा।

इस प्रकार की निशाना बनाकर की गई कार्रवाई, जिसमें विभिन्न विभाग पूर्व निर्धारित इरादे से हमारे कामकाज को प्रभावित कर रहे हैं, स्पष्ट रूप से डराने-धमकाने की नीयत से की गई है।

विपक्षी पार्टियों की प्रतिक्रिया:

पंजाब में अनौपचारिक इमरजेंसी

कांग्रेस, अकाली दल, भाजपा और अन्य सभी विपक्षी पार्टियों ने पंजाब सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है। विपक्षी पार्टियों ने इस कार्रवाई को पंजाब में अनौपचारिक इमरजेंसी करार दिया है।

प्रेस की स्वतंत्रता के लिए हर कदम उठाएंगे: तरुण चुघ

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और राष्ट्रीय प्रवक्ता आर. पी. सिंह ने 'आप' सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वे प्रेस की स्वतंत्रता के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला: सुखबीर बादल

अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने भी पंजाब सरकार की कार्रवाई को प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार देते हुए कहा कि पंजाब के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल इस तानाशाही प्रवृत्ति को लेकर शीघ्र ही पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात करेगा।

सरकार ने सभी सीमाओं को तोड़ा: राजा वड़िंग

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वरिंग और विपक्षी धड़े के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी कहा कि सरकार ने सभी हदों को पार कर दिया है और पंजाब केसरी प्रेस पर हमला करके साबित कर दिया है कि सरकार को प्रेस की स्वतंत्रता में कोई भरोसा नहीं है।

पंजाब और देश के लिए दुखद दिन: नरेश गुजरेल

सीनियर नेता नरेश गुजरेल ने कहा कि यह पंजाब और देश के लिए दुखद दिन है। हालांकि इतिहास गवाह है कि तानाशाही सरकारों को अंततः अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ता है। स्वतंत्र प्रेस और न्यायपालिका लोकतंत्र के दो सबसे अहम स्तंभ हैं। जो भी इन पर हमला करता है, वह अपनी ही कब्र खुदता है। इस नाजुक घड़ी में मैं हिंद समाचार समूह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा हूं।

पंजाब सरकार की कार्रवाई निंदनीय: सुखविंदर सिंह सुखू

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने कहा कि पंजाब केसरी ग्रुप पर पंजाब सरकार की कार्रवाई निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मीडिया को डराना आम जनता की आवाज़ को दबाने के बराबर है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की कार्रवाई पंजाब सरकार ने की है, वह किसी भी स्थिति में उचित नहीं है।

इमरजेंसी जैसी सोच और अहंकार स्वीकार्य नहीं: जयराम ठाकुर

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता जयराम ठाकुर ने कहा कि देश में न तो इमरजेंसी जैसी सोच स्वीकार्य है और न ही सत्ता का अहंकार। लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर ऐसी तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध किया जाएगा।

क्या यही उनका 'रंगिला पंजाब' है: मनजिंदर सिंह सिरसा

दिल्ली के परिवेश मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पंजाब में जो हो रहा है, वह 'बदलाव' नहीं बल्कि 'बदला' है। आज पंजाब प्रेस की स्वतंत्रता पर एक योजनाबद्ध हमला देखा जा रहा है और यह सब 'सुपर सीएम' केजरीवाल के आदेश और नियंत्रण में किया जा रहा है। मैं मुख्यमंत्री भगवंत मान से पूछता हूं – क्या यही उनका 'रंगिला पंजाब' है?

भाजपा का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलेगा: जाखड़

पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने पहले पत्रकारों पर कार्रवाई की, अब पंजाब केसरी जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के जालंधर और बठिंडा प्रिंट प्रेस पर पुलिस भेजकर गुंडागर्दी कर साबित कर दिया है कि यह सरकार सभी लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भूल चुकी है। उन्होंने मीडिया की स्वतंत्रता पर इस हमले की कड़ी निंदा की। इसके संबंध में भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल 17 जनवरी को राज्यपाल से मुलाकात करेगा।

पंजाब केसरी पर छापे तानाशाही मानसिकता: अश्वनी शर्मा

पंजाब भाजपा के अश्वनी शर्मा ने कहा कि आतंकवाद का डटकर मुकाबला करते हुए पंजाब की भाईचारे और एकता के लिए शहीद हुए लाला जगत नारायण जी द्वारा शुरू किए गए पंजाब केसरी जैसे मीडिया संस्थानों और उनसे जुड़े व्यावसायिक संस्थानों पर पुलिस और विभागीय छापे लोकतंत्र पर सीधे हमले के समान हैं और 'आप' पार्टी की तानाशाही मानसिकता को उजागर करते हैं। जब-जब आम आदमी पार्टी डरती है, वह पत्रकारों और मीडिया पर हमला करती है।

लोकतंत्र में मीडिया पर हमला अस्वीकार्य: बिट्टू

केंद्रीय मंत्री रवीनीत बिट्टू ने कहा कि मैं आम आदमी पार्टी और भगवंत मान द्वारा पंजाब केसरी समूह पर किए गए सीधे हमले की कड़ी निंदा करता हूं। प्रेस को डराने की यह खुली कोशिश पंजाब में 'आप' सरकार द्वारा लागू अनौपचारिक इमरजेंसी के बराबर है। मीडिया की स्वतंत्रता पर इस तरह के हमले लोकतंत्र में अस्वीकार्य हैं।

इमरजेंसी के बाद पंजाब के मीडिया के लिए काला दिन: बख्शी

दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता नीलकंठ बख्शी ने कहा कि 1975 की इमरजेंसी के बाद पंजाब में पहली बार निर्भीक पत्रकारिता काला दिन देख रही है और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने पंजाब केसरी समूह पर सीधे हमला किया है।

मीडिया को डराने की कोशिश: रंधावा

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि कौन कहता है कि पंजाब में लोकतंत्र की सरकार है? ज़रा गौर से देखें, सरकार के चेहरे पर तानाशाही साफ़ दिखाई देगी… पंजाब में मीडिया पर खुले और सीधे हमले किए जा रहे हैं और अब पंजाब केसरी जैसे स्वतंत्र प्रिंट मीडिया संस्थानों को सरकारी एजेंसियों के माध्यम से डराने की कोशिश की जा रही है।

स्वतंत्र मीडिया पर अनौपचारिक इमरजेंसी: फतेहजंग बाजवा

पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता फतेहजंग बाजवा ने कहा कि आज पंजाब जो कुछ भी देख रहा है, वह स्वतंत्र प्रेस पर एक 'अनौपचारिक इमरजेंसी' से कम नहीं है।

मीडिया ही लोकतंत्र है, हमला निंदनीय: प्रताप बाजवा

विधान सभा में कांग्रेस के विपक्षी धड़े के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पत्रकारों पर मुकदमें दर्ज करने और विज्ञापन बंद करने के बाद अब सरकारी मशीनरी के माध्यम से पंजाब केसरी समूह को दबाने की कोशिश की जा रही है। मैं पंजाब केसरी समूह के साथ डटकर खड़ा हूं। लोकतंत्र में सिर्फ मीडिया की स्वतंत्रता ही जरूरी नहीं बल्कि यह ही लोकतंत्र है।

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