Edited By Pardeep,Updated: 04 Jan, 2026 02:50 AM

सोना, चांदी, हीरे और मोती दुनिया की सबसे कीमती और दुर्लभ चीजों में गिने जाते हैं। इन्हें पाने के लिए कई लोग सही रास्ता अपनाते हैं, तो कई गलत। आपने फिल्मों और कहानियों में अक्सर सुना होगा कि कुछ चीजें “शापित” होती हैं और जो भी उन्हें अपने पास रखता...
नेशनल डेस्कः सोना, चांदी, हीरे और मोती दुनिया की सबसे कीमती और दुर्लभ चीजों में गिने जाते हैं। इन्हें पाने के लिए कई लोग सही रास्ता अपनाते हैं, तो कई गलत। आपने फिल्मों और कहानियों में अक्सर सुना होगा कि कुछ चीजें “शापित” होती हैं और जो भी उन्हें अपने पास रखता है, उसके साथ अनहोनी हो जाती है।
लेकिन यह सिर्फ कहानियों तक सीमित नहीं है। असल जिंदगी में भी एक ऐसा ही हीरा मौजूद है, जिसे इतिहास का सबसे रहस्यमयी और कथित रूप से “शापित” हीरा माना जाता है। इस हीरे का नाम है ब्लैक ऑरलव डायमंड (Black Orlov Diamond)।
‘ब्रह्मा की आंख’ से जुड़ी है कहानी
ब्लैक ऑरलव डायमंड को ‘Eye of Brahma’ यानी ‘ब्रह्मा का नयन’ भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह हीरा 19वीं सदी की शुरुआत में दक्षिण भारत में पुडुचेरी के पास स्थित एक मंदिर में भगवान ब्रह्मा की मूर्ति में जड़ा हुआ था। यह हीरा करीब 195 कैरेट का था और रंग में गहरा काला। कहा जाता है कि किसी ने इसे मंदिर से चुरा लिया। इसके बाद से ही इस हीरे को लेकर डरावनी और रहस्यमयी कहानियां फैलने लगीं।
चोरी के बाद लगा ‘श्राप’ का ठप्पा
लोककथाओं के अनुसार, जिस व्यक्ति ने यह हीरा चुराया था, वह एक हिंदू साधु था और बाद में उसकी रहस्यमयी हत्या कर दी गई। कुछ अन्य कहानियों में दावा किया जाता है कि यह हीरा एक यूरोपीय मिशनरी अपने साथ ले गया, जो बाद में अचानक गायब हो गया। हालांकि, आज तक यह साफ नहीं हो पाया कि असल में हीरे को मंदिर से किसने चुराया था। लेकिन चोरी के बाद से ही इसे “शापित हीरा” कहा जाने लगा।
जहां गया हीरा, वहां आई मौत?
ब्लैक ऑरलव डायमंड को लेकर सबसे डरावनी बात यह कही जाती है कि जो भी इसका मालिक बना, उसकी मौत हो गई।
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1932 में इस हीरे को खरीदने वाले हीरा व्यापारी जे.डब्ल्यू. ने अमेरिका में एक ऊंची इमारत से कूदकर आत्महत्या कर ली।
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इसके बाद यह हीरा रूस की दो राजकुमारियों — नाडिया ऑरलव और लियोनीला गालीत्सीन के पास पहुंचा।
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दावा किया जाता है कि इन दोनों राजकुमारियों ने भी कुछ सालों के भीतर संदिग्ध हालात में अपनी जान दे दी।
इन लगातार मौतों के बाद ही इस हीरे का नाम Black Orlov Diamond पड़ गया और इसकी छवि एक “अभिशाप” वाले रत्न की बन गई।
क्या अभिशाप तोड़ा गया?
कई सालों बाद एक मशहूर डायमंड डीलर चार्ल्स विंडसन ने इस हीरे को खरीदा। उसका मानना था कि अगर हीरे को काट दिया जाए, तो उसका श्राप खत्म हो सकता है।
उसने इस हीरे को तीन टुकड़ों में कटवा दिया।
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इनमें से सबसे बड़ा टुकड़ा 67.49 कैरेट का है, जिसे आज भी Black Orlov Diamond के नाम से जाना जाता है।
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बाकी दो टुकड़ों के बारे में आज तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।
आज कहां है ब्लैक ऑरलव डायमंड?
आज के समय में यह साफ नहीं है कि ब्लैक ऑरलव डायमंड का सबसे बड़ा टुकड़ा किसके पास है। माना जाता है कि यह किसी निजी कलेक्शन या संग्रहालय में हो सकता है। हालांकि, यह अब भी इतिहास के सबसे रहस्यमयी और डर पैदा करने वाले हीरों में से एक माना जाता है। कुछ लोग इसे महज संयोग मानते हैं, तो कुछ आज भी इसके शाप पर विश्वास करते हैं।