Edited By Mansa Devi,Updated: 12 Jan, 2026 02:31 PM

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि देश का सहकारी क्षेत्र न केवल आर्थिक वृद्धि में बल्कि लोकतांत्रिक सशक्तिकरण में भी सहायक है। वित्तीय साक्षरता एवं डेटा-आधारित प्रशासन के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र भारत को एक...
नेशनल डेस्क: केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोमवार को कहा कि देश का सहकारी क्षेत्र न केवल आर्थिक वृद्धि में बल्कि लोकतांत्रिक सशक्तिकरण में भी सहायक है। वित्तीय साक्षरता एवं डेटा-आधारित प्रशासन के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र भारत को एक विकसित देश बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री यादव ने सहकारी संगठनों के ऑडिट में तेजी लाने और उनके आंतरिक नियंत्रणों को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र आर्थिक वृद्धि और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण में योगदान देता है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने सहकारी क्षेत्र का लोकतंत्रीकरण किया है जिससे जमीनी स्तर पर लाभ मिल रहा है। कॉरपोरेट क्षेत्र के विपरीत यह क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार के अवसर सुनिश्चित करता है। यादव ने बताया कि सहकारी क्षेत्र में लगभग 32 करोड़ लोग कार्यरत हैं और 85 लाख से अधिक सहकारी संगठन हैं।
मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की बढ़ती भूमिका के साथ भारत के आर्थिक भविष्य का बदलाव' विषय पर आयोजित सहकारी चिंतन शिविर में यह बयान दिया। इस मौके पर सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि मंत्रालय ने पिछले चार वर्ष में उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र में जल्द ही ‘भारत टैक्सी' शुरू की जाएगी जिससे चालकों को अधिक लाभ होगा और इस पहल के लिए करीब 1.2 लाख चालकों ने पहले ही पंजीकरण करा लिया है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि अगले 10 से 15 वर्ष में सहकारी क्षेत्र, देश की आर्थिक वृद्धि का मुख्य चालक होगा। इस अवसर पर आईसीएआई के अध्यक्ष चरणजोत सिंह नंदा ने कहा कि ‘चार्टर्ड अकाउंटेंट' (सनदी लेखाकार) देश की प्रगति के लिए काम करने वाले वित्तीय सिपाही हैं। संस्थान में सहकारी समितियों के लिए एक अलग समिति है और उन्हें सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अपनाने में मदद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।