Edited By Mansa Devi,Updated: 16 Mar, 2026 01:48 PM

उत्तर प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव में विपक्ष के सांसदों को आमंत्रित नहीं किए जाने के समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सदस्य के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि ऐसे आयोजन राजग ने किए और विपक्षी...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश में सांसद खेल महोत्सव में विपक्ष के सांसदों को आमंत्रित नहीं किए जाने के समाजवादी पार्टी (सपा) के एक सदस्य के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि ऐसे आयोजन राजग ने किए और विपक्षी पार्टी भी करा सकती है। प्रश्नकाल में सपा के सांसद आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में सांसद खेल प्रतियोगिता के अंतर्गत विभिन्न आयोजनों में विपक्ष के सांसदों को आमंत्रित नहीं किये जाने का दावा करते हुए प्रश्न पूछा कि क्या सरकार को इसकी जानकारी है और क्या इस मामले में जांच कराई जाएगी।
अपने उत्तर में मांडविया ने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने अपने सांसदों को उनके क्षेत्रों में युवाओं को जोड़ने के लिए सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करने को कहा था। उन्होंने कहा, ''इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं है।'' मांडविया ने सदन में उपस्थित सपा प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लेते हुए कहा कि उनकी पार्टी भी यदि सांसद खेल महोत्सव कराती है तो इसमें सरकार को कोई दिक्कत क्यों होगी।
भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) में 45 प्रतिशत पद रिक्त होने और उसका बजट कम होने के तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद के पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए मांडविया ने कहा कि सदस्य पुराने समय की बात कर रहे हैं जब देश में खेल आयोजनों के लिए तैयारी नहीं होती थी और बजट नहीं होता था। उन्होंने कहा कि 'खेलो इंडिया' मिशन इसलिए ही चलाया जा रहा है जिसके माध्यम से देश राष्ट्रमंडल खेल, ओलंपिक के आयोजनों की तैयारी कर पा रहा है और अधिक पद देश में आ रहे हैं। मांडविया ने कहा कि इसका उद्देश्य खेल संघों में राजनीति खत्म करना है और इसलिए सरकार खेल नीति लाई तथा खेल शासन विधेयक भी लाया गया।