Edited By Mansa Devi,Updated: 09 Feb, 2026 04:05 PM

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आने से डरे हुए हैं क्योंकि वह उस सच्चाई का सामना नहीं कर सकते जिसे वह (राहुल) पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक के एक अंश को उद्धृत करते हुए...
नेशनल डेस्क: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में आने से डरे हुए हैं क्योंकि वह उस सच्चाई का सामना नहीं कर सकते जिसे वह (राहुल) पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे की पुस्तक के एक अंश को उद्धृत करते हुए सामने रखना चाहते थे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के साथ सदन में किसी विपक्षी सदस्य द्वारा ''हमला करने'' का कोई सवाल ही नहीं उठता तथा यदि कोई ऐसी हरकत कर दे तो प्राथमिकी दर्ज करके उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाए।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बीते बृहस्पतिवार को कहा था कि इससे एक दिन पहले कांग्रेस के कई सदस्य सदन के नेता (प्रधानमंत्री) की सीट के पास पहुंचकर किसी अप्रत्याशित घटना को अंजाम देना चाहते थे, इसलिए उनके अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सदन में नहीं आए। राहुल गांधी ने संवाददाताओं से कहा, ''यह बात कुछ दिन पहले शुरू हुई जब एम एम नरवणे की किताब का मुद्दा आया और सरकार नहीं चाहती थी कि मैं उस पर कोई भी चर्चा करूं। इसलिए उन्होंने सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी।
उन्होंने मुझे बोलने नहीं दिया। ऐसा तीन-चार बार हुआ।'' उनका कहना था, ''पहले उन्होंने कहा कि मैं किसी किताब का हवाला नहीं दे सकता। फिर मैंने कहा कि मैं किताब का नहीं, एक पत्रिका का हवाला दे रहा हूं। तब उन्होंने कहा कि आप पत्रिका का भी हवाला नहीं दे सकते। फिर मैंने कहा कि मैं उस पर बोलूंगा। तब उन्होंने कहा कि आप उस पर बोल भी नहीं सकते। रक्षा मंत्री ने गलत तरीके से कहा कि वह किताब प्रकाशित ही नहीं हुई है, जबकि सच्चाई यह है कि वह किताब प्रकाशित हो चुकी है और हमारे पास उसकी एक प्रति भी है।''
राहुल गांधी का कहना था कि यह बड़ा मुद्दा है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता प्रतिपक्ष और पूरे विपक्ष को बोलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा, ''दूसरा मुद्दा यह है कि उनके एक सदस्य (निशिकांत दुबे) ने कई किताबों का हवाला देते हुए बहुत ही आपत्तिजनक बातें कहीं और उस पर कुछ भी नहीं कहा गया। वह जो चाहें, जब चाहें कह सकते हैं, और विपक्ष को बोलने तक की अनुमति नहीं है?'' कांग्रेस नेता ने कहा कि तीसरा विषय विपक्ष के आठ सदस्यों का निलंबन है।
राहुल गांधी ने कहा, ''एक और मुद्दा बहुत परेशान करने वाला है। यह कहा गया कि सदस्य प्रधानमंत्री को धमकाने वाले थे। ऐसा कोई सवाल ही नहीं उठता। तथ्य बिल्कुल साफ़ हैं। प्रधानमंत्री सदन में आने से डरे हुए थे और और ऐसा सदस्यों की वजह से नहीं, बल्कि इसलिए था कि मैं कुछ कहने वाला था।'' उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री अब भी डरे हुए हैं क्योंकि वह सच्चाई का सामना नहीं कर सकते।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ''हमारे किसी भी सदस्य के प्रधानमंत्री पर हमला करने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्हें सदन में आने का साहस दिखाना चाहिए। मैंने यह भी कहा कि अगर किसी ने कहा है कि वह प्रधानमंत्री पर हमला करेगा तो तुरंत प्राथमिकी दर्ज कीजिए और उस व्यक्ति को गिरफ़्तार कीजिए।'' राहुल गांधी ने सवाल किया, ''आप ऐसा क्यों नहीं कर रहे?''