Edited By Radhika,Updated: 14 Jul, 2026 04:43 PM

मशहूर कॉमेडियन समय रैना की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। India Got Latent शो ये जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सुनवाई के दौरान पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि रैना ने अदालत को भ्रम में रखने...
नेशनल डेस्क: मशहूर कॉमेडियन समय रैना की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ गई हैं। India Got Latent शो ये जुड़े विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सुनवाई के दौरान पीठ ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि रैना ने अदालत को भ्रम में रखने का प्रयास किया है, साथ ही उनके 'यूथ आइकन' होने पर भी चिंता व्यक्त की। इसी के साथ कोर्ट ने समय को यह जुर्माना 2 हफ्तों के अंदर जमा करवाने की बात भी कही है।
सुनवाई के दौरान पेश की ये दलीलें
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट रूम में वरिष्ठ वकीलों और सॉलिसिटर जनरल की ओर से कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश की गईं। पहली दलील देते हुए फाउंडेशन से संपर्क न करने का आरोप लगाया है। सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने पीठ को बताया कि कोर्ट के पिछले आदेशों के बावजूद समय रैना ने न तो इस संस्था से और न ही इस गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों से कोई संपर्क किया। वे लगातार अपने शो कर रहे हैं। समय की ओर से यह दावा किया गया है कि दिव्यागों को लेकर उनके द्वारा कुछ प्रोग्राम किए गए हैं, लेकिन संस्था का कहना है कि यह सिर्फ दिखावा है।

कोर्ट और सरकार ने 'यूथ आइकन' होने पर उठाए सवाल
जब कोर्ट में समय रैना के हालिया बयानों और उनके व्यवहार की बात आई, तो अदालत और सरकारी पक्ष दोनों ने कड़ी आपत्ति जताई। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि "यह सोचकर ही चिंता होती है कि वह युवाओं के लिए किस तरह के रोल मॉडल (आदर्श) हैं।" कोर्ट ने यह भी पूछा कि समय रैना और उनके साथी कॉमेडियनों ने अपनी भाषा और व्यवहार को सुधारने के लिए अब तक क्या किया है? देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कोर्ट का समर्थन करते हुए कहा कि हमारे देश के युवाओं के पास सीखने के लिए इनसे बहुत बेहतर और अच्छे रोल मॉडल मौजूद हैं।