हर हाल में बदलनी होगी ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति, 05 वर्ष से अधिक पुराने राजस्व मामलों का प्राथमिकता से हो निस्तारण : मुख्यमंत्री

Edited By Updated: 29 Aug, 2026 11:04 PM

the trend of adjournment after adjournment must be changed at all costs

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती।...

नेशनल डेस्क : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजस्व न्यायालयों में वर्षों से लंबित मामलों को समयबद्ध ढंग से निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि आम नागरिक की जमीन, संपत्ति और अधिकारों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जा सकती। ‘तारीख पर तारीख’ की प्रवृत्ति हर हाल में बदलनी होगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नायब तहसीलदार कोर्ट से लेकर राजस्व परिषद के न्यायालयों तक 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व मामलों को प्राथमिकता से चिन्हित कर नियोजित प्रयासों के साथ निस्तारित कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से धारा 33 के अविवादित वरासत के मामलों को मिशन मोड में निस्तारित कराने को कहा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार देर शाम शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों तथा फील्ड में तैनात पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनहित से जुड़े विषयों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जनता दर्शन तथा आईजीआरएस में प्राप्त जनशिकायतों के त्वरित एवं संतुष्टिपरक निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत का निस्तारण करने से पहले संबंधित तथ्यों और अभिलेखों की विधिवत जांच की जाए तथा आवश्यक स्तर से रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित किया जाए। 

समीक्षा में ऐसे प्रकरण सामने आए, जहां मूल शिकायत के बजाय दूसरी जानकारी के आधार पर निस्तारण कर दिया गया अथवा आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त किए बिना ही प्रकरण बंद कर दिया गया। उन्होंने असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों की दोबारा समीक्षा कर तथ्यपरक आख्या प्राप्त करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन मामलों में निस्तारण संतोषजनक नहीं है अथवा गलत आख्या के आधार पर प्रकरण बंद किया गया है, उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संबंधित जिलाधिकारी अथवा पुलिस कप्तान को भेजकर 05 दिनों में स्पष्टीकरण मांगा जाए। प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने वाला समाधान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता शिकायतों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि आमजन की समस्या का वास्तविक और स्थायी समाधान करना है।

बैठक में राजस्व परिषद की ओर से नायब तहसीलदार के न्यायालय से लेकर उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त और राजस्व परिषद स्तर तक नामांतरण, सीमांकन, पैमाइश, अंश निर्धारण, वरासत, बंटवारा और भू-उपयोग से संबंधित मामलों के निस्तारण की जिलावार स्थिति प्रस्तुत की गई। 05 वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के लिहाज से शीर्ष 05 जिलों की स्थिति तथा प्रदेश में सबसे लंबे समय से लंबित शीर्ष 10 प्रकरणों की जानकारी भी मुख्यमंत्री को दी गई।

मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक अधिकारियों तथा न्यायालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने लंबित मामलों के निस्तारण में स्पष्ट समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर प्रभावी मॉनिटरिंग करने को कहा।

बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जनपदवार स्थिति का भी विश्लेषण किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में कुल एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत, गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत, महिलाओं के विरुद्ध अपराधों में 3.9 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति/जनजाति के विरुद्ध अपराधों में 11.2 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।

मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अपराध की वास्तविक स्थिति का नियमित आकलन हो और जहां आवश्यकता हो, वहां तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और क्षेत्र में उनकी उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर बिना किसी संकोच के कठोरतम कार्रवाई करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों के विरुद्ध पुलिस की कार्रवाई प्रभावी होने के साथ-साथ दूसरों के लिए भी नजीर बननी चाहिए।

आगामी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, विश्वकर्मा पूजा और गणेश चतुर्थी के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने पुलिस-प्रशासन को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे प्रदेश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। मथुरा-वृंदावन में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए क्राउड कंट्रोल की विस्तृत कार्ययोजना पहले से तैयार की जाए। श्री बांके बिहारी मंदिर प्रबंधन के साथ समन्वय कर अलग कार्ययोजना तैयार करने तथा आवश्यकता के अनुसार होल्डिंग एरिया की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने वृंदावन में नया पुलिस सर्किल गठित कर आवश्यक पुलिस बल की तैनाती तथा मथुरा और वृंदावन के लिए अलग-अलग जॉइंट मजिस्ट्रेट की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी थानों और पुलिस लाइनों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आस्था और श्रद्धा के भाव से मनाई जाए। थानों में आकर्षक झांकियां सजाई जाएं और इसमें आमजन को भी सहभागी बनाया जाए।

गणेश चतुर्थी के बाद प्रतिमा विसर्जन के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईटेंशन तारों से दुर्घटना की आशंका को देखते हुए प्रतिमाओं की ऊंचाई निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। वर्तमान में कई नदियों के उफान पर होने के दृष्टिगत विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। सभी पर्व-त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्थाओं की पहले से समीक्षा करने, संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती तथा शरारती और अराजक तत्वों पर प्रभावी नजर रखने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई का अभियान निरंतर जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को लेकर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ये कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। मुख्यमंत्री ने स्लाटर हाउस की नियमित औचक जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने चित्रकूट, फर्रुखाबाद, अयोध्या, आजमगढ़ और बाराबंकी के जिलाधिकारियों से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ हों और राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारी स्वयं सुनिश्चित करें। राहत शिविरों में लोगों को भरपेट और गरम भोजन मिले। जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की उपलब्धता सभी अस्पतालों में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने लंपी डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग को तत्काल आवश्यक कार्य शुरू करने तथा बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने के निर्देश दिए।

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