Edited By Mehak,Updated: 06 Apr, 2026 01:43 PM

किडनी शरीर का महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करता और पानी व मिनरल्स का संतुलन बनाए रखता है। हालांकि, किडनी की समस्याएं धीरे-धीरे बढ़ती हैं और शुरुआती लक्षण अक्सर अनदेखा हो जाते हैं। आंखों के नीचे सूजन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब में झाग या पीला रंग...
नेशनल डेस्क : किडनी हमारे शरीर का एक अहम अंग है जो खून को साफ करने, शरीर से विषैले तत्व निकालने और पानी व मिनरल्स के संतुलन को बनाए रखने का काम करता है। यह अंग हमारे शरीर के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि, किडनी की समस्याएं अक्सर धीरे-धीरे बढ़ती हैं और शुरुआती चरण में पता नहीं चल पातीं। इसलिए समय पर पहचान और जांच बेहद महत्वपूर्ण है।
किडनी की समस्या अक्सर क्यों नहीं पता चलती
किडनी में इतनी क्षमता होती है कि यदि इसका कोई हिस्सा ठीक से काम न भी करे, तो बाकी हिस्सा उसका काम संभालता रहता है। इसी कारण छोटे-मोटे नुकसान के बावजूद हमें परेशानी का एहसास नहीं होता। किडनी की बीमारी अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे बढ़ती है और गंभीर रूप ले लेती है। यही इसे खतरनाक बनाता है।
शुरुआती संकेत जिन्हें लोग अनदेखा कर देते हैं
किडनी की समस्या शरीर में कुछ संकेत देती है, जिन्हें अक्सर हम नजरअंदाज कर देते हैं। इनमें शामिल हैं:
- आंखों के नीचे लगातार सूजन रहना
- रात को बार-बार पेशाब आना
- पेशाब में झाग आना या पीला रंग होना
ये लक्षण शुरुआती चरण के होते हैं और समय रहते पहचानने पर बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।
लक्षण जब स्पष्ट रूप ले लेते हैं
जैसे ही लक्षण गंभीर होने लगते हैं, उन्हें अनदेखा करना मुश्किल हो जाता है। इनमें शामिल हैं:
- पैरों और चेहरे में सूजन
- लगातार उल्टी जैसा महसूस होना
- थोड़ी-थोड़ी सांस लेने में दिक्कत
- लगातार बढ़ता ब्लड प्रेशर
यह वह स्थिति होती है जब किडनी की कार्य क्षमता काफी प्रभावित हो चुकी होती है। इस स्तर पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है।
किडनी की शुरुआती जांच
किडनी की समस्या अब आम हो गई है और समय पर पहचान बहुत जरूरी है। शुरुआती जांच सरल है और घर या अस्पताल में आसानी से कराई जा सकती है।
- ब्लड टेस्ट: क्रिएटिनिन की जांच
- यूरिन टेस्ट: प्रोटीन की जांच
समय पर जांच कराने से किडनी में हुए नुकसान का पता लगाया जा सकता है और उचित इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है।