Edited By Purnima Singh,Updated: 15 Jun, 2026 02:01 PM

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में चर्चित सोलर प्रोजेक्ट घोटाले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आरामबाग नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता स्वपन नंदी को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार कर लिया है ...
नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में चर्चित सोलर प्रोजेक्ट घोटाले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आरामबाग नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता स्वपन नंदी को पुलिस ने केरल से गिरफ्तार कर लिया है। करोड़ों रुपये की सौर ऊर्जा परियोजना में कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में वह लंबे समय से जांच एजेंसियों की नजर में थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहे थे।
पहचान छिपाने के लिए बदला हुलिया
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच का दायरा बढ़ने के बाद स्वपन नंदी राज्य छोड़कर चले गए थे। गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने अपना हुलिया भी बदल लिया था। यहां तक कि पहचान छिपाने के लिए उन्होंने अपनी मूंछ भी हटवा ली थी। इसके बावजूद जांच टीम ने तकनीकी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर केरल में उनकी लोकेशन का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
कोर्ट से पुलिस रिमांड की तैयारी
जांच अधिकारियों का कहना है कि अदालत से आरोपी की पुलिस हिरासत मांगी जाएगी। पूछताछ के दौरान उनका सामना इस मामले में पहले से गिरफ्तार अन्य आरोपियों से कराया जाएगा, ताकि परियोजना से जुड़े फैसलों, भुगतान प्रक्रिया और धन के प्रवाह से संबंधित तथ्यों को विस्तार से समझा जा सके।
तीन आरोपी पहले ही पहुंच चुके हैं जेल
इस मामले में नगर पालिका से जुड़े एक अस्थायी इंजीनियर, एक अस्थायी इलेक्ट्रिकल सुपरवाइजर और परियोजना से जुड़े एक ठेकेदार को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों के बाद जांच को नई दिशा मिली, जिसके आधार पर मुख्य आरोपी तक पहुंचना संभव हो सका।
क्या है ग्रीन सिटी सोलर प्रोजेक्ट मामला?
आरामबाग नगर पालिका ने ‘ग्रीन सिटी’ योजना के तहत क्षेत्र के कई शैक्षणिक संस्थानों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की योजना तैयार की थी। इसके लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई थी। योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों, बाल शिक्षा केंद्रों तथा उच्च प्राथमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में सोलर पैनल स्थापित किए जाने थे।
परियोजना का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन बढ़ाना, स्कूलों की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना और सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी की व्यवस्था को सौर ऊर्जा से संचालित करना था। हालांकि बाद में परियोजना के क्रियान्वयन और वित्तीय लेन-देन को लेकर गंभीर सवाल उठे।
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
पूर्व नगरपालिका बोर्ड, संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन अध्यक्ष स्वपन नंदी के खिलाफ वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगाए गए थे। नंदी के पद से हटने के बाद नगर पालिका की जिम्मेदारी संभालने वाले तृणमूल कांग्रेस नेता समीर भंडारी ने मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पिछले कुछ महीनों में कार्रवाई तेज कर दी।
जांच जारी, कई खुलासों की उम्मीद
पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ के बाद परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्यों का खुलासा हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि परियोजना में कथित अनियमितताओं का दायरा कितना बड़ा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही।