Edited By Parveen Kumar,Updated: 10 Jun, 2026 05:42 PM

पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर कथित असंतोष और बगावत की अटकलों के बीच अब जाधवपुर से सांसद सयानी घोष का नाम भी सुर्खियों में आ गया है। चर्चा है कि पार्टी के बागी सांसदों की सूची में उनका नाम भी शामिल हो...
नेशनल डेस्क : पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर कथित असंतोष और बगावत की अटकलों के बीच अब जाधवपुर से सांसद सयानी घोष का नाम भी सुर्खियों में आ गया है। चर्चा है कि पार्टी के बागी सांसदों की सूची में उनका नाम भी शामिल हो सकता है, हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि लोकसभा में टीएमसी के कुछ सांसद पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं और अलग राह चुनने पर विचार कर रहे हैं। इन चर्चाओं के केंद्र में बारासात से सांसद काकोली घोष दस्तीदार हैं, जिनके नेतृत्व में कथित बागी गुट सक्रिय बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि इस गुट के साथ लगभग 20 लोकसभा सांसद हैं, हालांकि उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कौन हैं सयानी घोष?
सयानी घोष को टीएमसी की तेजतर्रार और मुखर नेताओं में गिना जाता है। राजनीति में आने से पहले वह मनोरंजन जगत में भी सक्रिय रही हैं। वर्ष 2021 में उन्होंने औपचारिक रूप से तृणमूल कांग्रेस का दामन थामा था। उसी वर्ष उन्होंने आसनसोल दक्षिण विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सकीं। चुनाव में हार के बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया।
टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने उन्हें पार्टी की युवा इकाई टीएमसी यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया। यह पद पहले स्वयं अभिषेक बनर्जी के पास था। इसके बाद सयानी घोष पार्टी की प्रमुख युवा चेहरों में शामिल हो गईं और अपनी आक्रामक राजनीतिक शैली के कारण लगातार चर्चा में रहीं।
20 सांसदों के बागी होने की चर्चा
पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों सबसे बड़ी चर्चा टीएमसी के कथित बागी सांसदों को लेकर है। सूत्रों के अनुसार, काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाला समूह लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के समर्थन की घोषणा कर सकता है। हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वे 20 सांसद कौन हैं, जिनके पार्टी नेतृत्व से नाराज होने की बात कही जा रही है। इसी बीच सयानी घोष का नाम भी संभावित बागी सांसदों में जोड़ा जा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
इस्तीफों से बढ़ी अटकलें
हाल ही में टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने पार्टी और अपने पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी थी। इस्तीफे के बाद उन्होंने संकेत दिया था कि आने वाले समय में कुछ और राज्यसभा सांसद भी इसी तरह का कदम उठा सकते हैं। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये चर्चाएं केवल राजनीतिक अटकलें हैं या फिर तृणमूल कांग्रेस को वास्तव में किसी बड़े राजनीतिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।