Edited By Pardeep,Updated: 10 Jul, 2026 10:25 PM

उज्बेकिस्तान में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही 22 वर्षीय भारतीय छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा की मौत के एक सप्ताह बाद, केरल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि छात्रा की मौत से पहले उसे बेरहमी से पीटा...
तिरुवनंतपुरम/हरिपाद: उज्बेकिस्तान में डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही 22 वर्षीय भारतीय छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। छात्रा की मौत के एक सप्ताह बाद, केरल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि छात्रा की मौत से पहले उसे बेरहमी से पीटा गया और प्रताड़ित किया गया था। यह प्राथमिकी जिला पुलिस प्रमुख के हस्तक्षेप के बाद हरिपाद पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है, और जांच के हिस्से के रूप में अलप्पुझा मेडिकल कॉलेज में शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है।
कानूनी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय समन्वय
कयाकुलम के डीएसपी बिनुकुमार टी ने जानकारी दी कि भले ही अपराध भारत से बाहर हुआ हो, लेकिन कानूनन यहां मामला दर्ज करने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि यदि उज्बेकिस्तान की पुलिस आरोपी पर मुकदमा चलाती है, तो मामला बंद कर दिया जाएगा, अन्यथा भारतीय पुलिस इसे आगे बढ़ाएगी। वर्तमान में पुलिस भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय के माध्यम से उज्बेकिस्तान के अधिकारियों से जांच के विवरण प्राप्त करने की कोशिश कर रही है।
धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप
मृतक छात्रा के परिजनों ने प्रारंभिक दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि बहस के दौरान सिर पर चोट लगने से उसकी मृत्यु हुई। उज्बेकिस्तान से शव लेने गए एक रिश्तेदार ने दावा किया कि वहां के जांचकर्ताओं ने उसे बताया कि छात्रा को मौत से पहले काफी प्रताड़ित किया गया था। परिजनों का यह भी गंभीर आरोप है कि आरोपी छात्र पीड़िता पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बना रहा था और कई अन्य छात्रों ने उसे ऐसा करते देखा था।
आरोपी की गिरफ्तारी और परिजनों की मांग
आरोपी छात्र केरल के मलप्पुरम का रहने वाला है और वह पीड़िता के साथ ही उज्बेकिस्तान में पढ़ाई कर रहा था। रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी को वहां हिरासत में ले लिया गया है। हालांकि, छात्रा का परिवार उज्बेकिस्तान की जांच से संतुष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की है कि केरल पुलिस इस मामले की स्वतंत्र जांच करे और आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए भारत वापस लाया जाए। बताया गया है कि आरोपी का परिवार काफी रसूखदार है; उसके माता-पिता सरकारी कर्मचारी हैं और भाई एक डॉक्टर है। परिजनों को डर है कि कहीं आरोपी उज्बेकिस्तान में प्रभाव का इस्तेमाल कर बच न निकले, इसलिए उन्होंने भारत में शिकायत दर्ज कराई है।