Edited By ,Updated: 27 Feb, 2017 07:36 PM

आंध्र प्रदेश के विशाखापतनम जिले में एक मजेदार वाकया सामने आया है। यहां एक 6 साल का आदिवासी बच्चा 2 दिन तक बिल्ली के बच्चे समझकर।
नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के विशाखापतनम जिले में एक मजेदार वाकया सामने आया है। यहां एक 6 साल का आदिवासी बच्चा 2 दिन तक बिल्ली के बच्चे समझकर जिनके साथ खेलता रहा, वो असल में तेंदुए के बच्चे निकले। लड़के को 2 दिन पहले तेंदुए के बच्चे झाड़ी के पास मिले थे, जिन्हें वह हाथ में उठाकर घर ले आया। बिल्ली का बच्चा समझकर वह उसे दूध और खाना खिलाता रहा। लड़के के माता-पिता को भी नहीं पता था कि जिनके साथ वह खेल रहा है असल में वह क्या है। बाद में जब पड़ोसियों की निगाह में यह बात आई तो उन्हें इस बारे में लड़के के परिवार वालों को बताया। इसके बाद उनके होश उड़ गए।
सूचना मिलने पर वन अधिकारी लड़के के घर पहुंचे और तेंदुए के बच्चों को अपनी कस्टडी में लिया और उन्हें 10 किमी दूर जंगल में छोड़ दिया। लड़के की मां ने बताया कि उनका बेटा 2 दिन पहले तेंदुए के बच्चों को बिल्ली का बच्चा समझकर घर ले आया और खेलने लगा। हमने भी यही समझकर इस पर ध्यान नहीं दिया। वह घर में खुले घूम रहे थे। लेकिन बाद में पड़ोसियों ने हमें बताया कि वे बिल्ली के नहीं बल्कि तेंदुए के बच्चे हैं।
हो सकता था खतरा
वन अधिकारियों का कहना है कि अगर उन बच्चों की मां आसपास होती तो लड़के की जान को खतरा हो सकता था। उनके मुताबिक मादा तेंदुआ एक बारे में 2-6 बच्चों को जन्म देती है। जो बच्चे पैदा होने के 10 दिन बाद अपनी आंखें खोलते हैं, वह 2 साल का होने तक मां के लिए संरक्षण में रहते हैं।