Edited By Anu Malhotra,Updated: 22 Jun, 2026 03:38 PM

Birth Certificate Fee: उत्तर प्रदेश में Birth और Death Certificate बनवाने वाले लोगों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा फीस देनी होगी। राज्य सरकार के नए आदेश के बाद नगर निगमों और संबंधित विभागों ने संशोधित फीस लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई दरों...
Birth Certificate Fee: उत्तर प्रदेश में Birth और Death Certificate बनवाने वाले लोगों को अब पहले के मुकाबले ज्यादा फीस देनी होगी। राज्य सरकार के नए आदेश के बाद नगर निगमों और संबंधित विभागों ने संशोधित फीस लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई दरों के तहत अलग-अलग कैटेगरी में Certificate जारी करने के लिए अलग शुल्क निर्धारित किया गया है।
सामान्य आवेदन पर बढ़ाई फीस
अबव Birth और Death Certificate के लिए सामान्य आवेदन करने पर नागरिकों को 20 रुपये का शुल्क देना होगा। पहले इसके लिए केवल 2 रुपये का भुगतान करना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह शुल्क पहले की तुलना में दस गुना हो गया है।
देरी से आवेदन करने पर ज्यादा खर्च
यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय सीमा के बाद जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करता है या विशेष श्रेणी के अंतर्गत प्रमाण पत्र जारी करवाना चाहता है, तो उसे 50 रुपये शुल्क देना होगा। पहले इस श्रेणी में आवेदन शुल्क 5 रुपये था।
एक साल से पुराने रिकॉर्ड पर 100 रुपये शुल्क
सबसे बड़ा बदलाव उन मामलों में किया गया है, जहां जन्म या मृत्यु का रिकॉर्ड एक वर्ष से अधिक पुराना है। ऐसे मामलों में प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए अब 100 रुपये का शुल्क देना होगा। पहले इसके लिए केवल 10 रुपये शुल्क निर्धारित था।
क्यों जरूरी होते हैं ये प्रमाण पत्र?
Birth Certificate किसी व्यक्ति की आयु और पहचान का महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। इसकी आवश्यकता स्कूल में प्रवेश, आधार कार्ड, पासपोर्ट और कई सरकारी सेवाओं का लाभ लेने के दौरान पड़ती है। वहीं Death Certificate बैंक खातों से संबंधित कार्यवाही, बीमा दावा, संपत्ति के उत्तराधिकार, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों में जरूरी दस्तावेज के रूप में उपयोग किया जाता है। नई फीस लागू होने से विशेष रूप से उन लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है, जिन्हें पुराने रिकॉर्ड से जुड़े Birth और Death Certificate की आवश्यकता होती है। हालांकि सरकार का मानना है कि संशोधित शुल्क व्यवस्था से प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।