इलिनॉय में मंदिर पर हमले के बाद ऐलानः अमेरिका में हिंदू मंदिरों की सुरक्षा पर खर्च होंगे 100 करोड़ रुपए, 500 मंदिरों में लगेंगे कैमरे

Edited By Updated: 25 Oct, 2026 04:46 PM

us plans to spend 100 crore for temple security

अमेरिका में हिंदू मंदिरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये के कोष और 500 धार्मिक स्थलों में निगरानी मजबूत करने की जानकारी सामने आई है। इलिनॉय में मंदिर पर हमले की कथित साजिश के बाद यह कदम चर्चा में है। 105 सांसदों ने मामले की एफबीआई...

Washington: अमेरिका में दिवाली से पहले हिंदू मंदिरों और धार्मिक संस्थानों की सुरक्षा मजबूत करने की तैयारी की गई है। इसके तहत करीब 100 करोड़ रुपये का सुरक्षा कोष बनाए जाने और लगभग 500 मंदिरों तथा धार्मिक संस्थानों में निगरानी बढ़ाने की जानकारी सामने आई है। प्रस्तावित इंतजामों में सीसीटीवी कैमरे, निगरानी अलार्म, प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी और स्थानीय पुलिस के साथ आपातकालीन योजनाएं तैयार करना शामिल है।  यह कदम इलिनॉय राज्य में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश सामने आने के बाद उठाया गया है। हालांकि, सुरक्षा कोष की राशि, उसके स्रोत और सभी मंदिरों में इन उपायों को लागू करने की आधिकारिक स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

 
इलिनॉय के ऑरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर पर हमले की साजिश के मामले में 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी गई है। उस पर 11 अक्टूबर को भारतीय मूल के लोगों की सामूहिक हत्या की योजना बनाने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी अपने घर से करीब 65 किलोमीटर की दूरी तय करके मंदिर पहुंचा था। छुट्टी के दिनों में यहां 3,000 से अधिक श्रद्धालु आते हैं। आरोप है कि वह अपने साथ राइफल और सैकड़ों गोलियां लेकर पहुंचा था, लेकिन राइफल में खराबी आने के कारण हमला नहीं कर सका और वहां से भाग गया। यह मामला अमेरिकी हिंदू समुदाय के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाने वाला साबित हुआ है। हालांकि, आरोपी पर लगे आरोपों और घटना से जुड़े सभी तथ्यों का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होना बाकी है।


मंदिरों में होंगे सुरक्षा के तीन बड़े इंतजाम

  • सीसीटीवी कैमरे और अलार्म: मंदिरों में निगरानी कैमरे तथा अलार्म लगाने की योजना है। रिपोर्ट के अनुसार, कैमरों की रिकॉर्डिंग छह महीने तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि किसी घटना के बाद जांच में मदद मिल सके।
  • प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी: बड़े धार्मिक आयोजनों और अधिक भीड़ वाले मंदिरों में प्रशिक्षित तथा लाइसेंस प्राप्त हथियारबंद सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की तैयारी है। कुछ मंदिर चौबीसों घंटे सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं।
  •  स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल: मंदिर प्रशासन को स्थानीय पुलिस के संपर्क में रहने और बड़े आयोजनों से पहले आपातकालीन योजना तैयार करने की सलाह दी गई है। इसका उद्देश्य किसी संदिग्ध गतिविधि या हमले की आशंका होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
     

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में पिछले तीन वर्षों के दौरान हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ की करीब 25 घटनाएं सामने आई हैं। इनमें मंदिरों की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखने की घटनाएं भी शामिल बताई गई हैं। न्यूयॉर्क के मेलविल, सैक्रामेंटो, यूटा और मिशिगन में स्थित मंदिरों में भी तोड़फोड़ की घटनाओं का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ नफरत से जुड़ी गतिविधियों और इंटरनेट पर आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर भी चिंता जताई गई है।अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों के बीच आव्रजन नीतियों और एच-1बी वीजा को लेकर जारी बहस भी भारतीय समुदाय के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि, इन राजनीतिक बहसों और मंदिरों पर हमलों के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए अलग से प्रमाण जरूरी हैं।


हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन ने जारी की सुरक्षा सलाह
हिंदू अमेरिकन फाउंडेशन (HAF) ने मंदिरों, धार्मिक आयोजन कराने वालों और समुदाय के सदस्यों के लिए सुरक्षा संबंधी सलाह जारी की है। संगठन ने हिंदू धार्मिक स्थलों पर हमलों और समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली गतिविधियों पर चिंता जताई है। HAF ने इलिनॉय की घटना में श्वेत कट्टरपंथियों की संभावित भूमिका को लेकर भी आशंका व्यक्त की है। हालांकि, इस दावे की पुष्टि के लिए जांच के निष्कर्ष आवश्यक हैं। इलिनॉय में मंदिर पर हमले की कथित साजिश के मामले में 105 अमेरिकी सांसदों ने संघीय जांच ब्यूरो (FBI) से जांच की मांग की है।  

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