Edited By Rahul Singh,Updated: 16 Oct, 2026 02:37 PM

सांसद अमी बेरा ने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरा आघात लगा कि जब एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने का प्रयास किया, तब कृष्णमूर्ति और उनका परिवार वहां पूजा कर रहा था।
न्यूयॉर्क/वाशिंगटन : अमेरिकी सांसदों, नेताओं और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने इलिनॉय राज्य में एक मंदिर पर हमले की कथित साजिश की कड़ी निंदा की है और अमेरिका में बढ़ते भारत-विरोधी एवं हिंदू-विरोधी पूर्वाग्रहों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। अधिकारियों के अनुसार, ऑरोरा क्षेत्र स्थित एक मंदिर में बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश के आरोप में पैलेटाइन निवासी 19 वर्षीय एलेक्जेंड्रोस पापोरकिस को 11 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। मंदिर के बाहर उसकी राइफल जाम होने के कारण हमला नाकाम हो गया, जिसके बाद वह अपने घर लौट गया। अमेरिकी सांसदों ने कहा कि देश में कट्टरपंथी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। इलिनॉय से भारतीय-अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि वह और उनका परिवार घटना के दौरान मंदिर में ही मौजूद थे।
धमकियों को गंभीरता से लेने की जरूरत
कृष्णमूर्ति ने एक बयान में कहा, ''मैं इस बात से स्तब्ध हूं कि नस्लीय सोच में विश्वास रखने वाले एक व्यक्ति ने ऑरोरा स्थित उस मंदिर में भारतीय मूल के अमेरिकियों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर गोलीबारी करने की कोशिश की, जहां मेरा परिवार पूजा करने जाता है। पिछले रविवार को जब हमले की कोशिश की गई, तब मैं और मेरा परिवार वहां मौजूद थे।'' उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा का खतरा दर्शाता है कि भारत के खिलाफ घृणा और नस्लीय सोच कितनी खतरनाक हो गई है। उन्होंने कहा, ''इन धमकियों को गंभीरता से लेने के लिए हमें निर्दोष लोगों के मारे जाने का इंतजार नहीं करना चाहिए।'' सांसद ब्रैड शर्मन ने भारत-विरोधी पूर्वाग्रह से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''देशभर में फैल रही भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी सोच से मैं बेहद आहत हूं। इससे मेरे मित्र और सहकर्मी राजा कृष्णमूर्ति सहित कई लोग प्रभावित हो रहे हैं। पूजा कर रहे लोगों की सामूहिक हत्या की यह साजिश घोर अमानवीय कृत्य है।'' उन्होंने कहा, ''भारत और हिंदू समुदाय के प्रति नफरत का हर स्तर पर विरोध किया जाना चाहिए। साथ ही, अल्पसंख्यक समुदायों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।'' न्यूयॉर्क के सीनेटर एवं सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा कि ऑरोरा के एक मंदिर में भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की एक श्वेत वर्चस्ववादी की कथित कोशिश से वह बेहद चिंतित हैं। शूमर ने कहा, ''अमेरिका में भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी बयानबाजी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है और अब हम देख रहे हैं कि यह नफरत हिंसा में बदल रही है। अमेरिका में किसी भी समुदाय के खिलाफ कट्टरता के लिए कोई जगह नहीं है। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हूं कि हर व्यक्ति हमारे देश में स्वतंत्र रूप से रह सके और अपने धर्म का पालन कर सके।''
हिंदू-विरोधी सोच के लिए कोई जगह नहीं
सांसद अमी बेरा ने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरा आघात लगा कि जब एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय-अमेरिकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी करने का प्रयास किया, तब कृष्णमूर्ति और उनका परिवार वहां पूजा कर रहा था। भारतीय-अमेरिकी सांसद थानेदार ने कहा कि वह यह जानकर स्तब्ध हैं कि जिस समय राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार मंदिर में पूजा कर रहे थे, उसी समय वहां सामूहिक गोलीबारी करने की कोशिश की गई। थानेदार ने कहा, ''संसद को हिंदू-विरोधी हमलों में हो रही खतरनाक वृद्धि के खिलाफ लड़ना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को बिना किसी भय के अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।'' सांसद निक लालोटा ने हिंदू-अमेरिकियों पर हमले की कथित साजिश को ''घोर पाप'' करार दिया। उन्होंने कहा, ''अमेरिका में हिंदू-विरोधी सोच के लिए कोई जगह नहीं है। निर्दोष लोगों की जान को खतरे में डालने वालों को कानून के तहत सख्त सजा मिलनी चाहिए।'' शिकागो में इजराइल के महावाणिज्य दूत एलेड स्ट्रोहमयर ने ऑरोरा में मंदिर को निशाना बनाने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, ''इलिनॉय के हिंदू समुदाय को हम यह भरोसा दिलाना चाहते हैं कि हम उनके साथ मजबूती से खड़े हैं। उनकी सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है...। हमले की साजिश को नाकाम करने के लिए पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों का आभार। किसी भी समुदाय के खिलाफ नफरत पूरे समाज के लिए खतरा है। इससे मुकाबला करने के लिए हम सभी को एकजुट होना होगा।''
'साउथ एशियंस फॉर अमेरिका' (एसएएफए) संगठन ने मंदिर में भीड़ को निशाना बनाकर गोलीबारी करने की कथित साजिश की कड़ी निंदा की। 'कांग्रेसनल एशियन पैसिफिक अमेरिकन कॉकस' (सीएपीएसी) और एंटी-डिफेमेशन लीग (एडीएल) ने भी विभिन्न धर्मों के अराधना स्थलों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई है। सांसद सुहास सुब्रमण्यम, ग्रेसी मेंग, जुडी चू समेत कई नेताओं द्वारा हस्ताक्षरित सीएपीएसी के एक बयान में कहा गया, ''यह घटना दर्शाती है कि 'श्वेत वर्चस्ववादी' विचारधारा हमारे समुदायों और अराधना स्थलों के लिए कितना बड़ा खतरा है। इसे किसी अकेली घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस तरह की हिंसा के लिए अमेरिका में कोई स्थान नहीं है।'' सीएपीएसी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि पिछले दो वर्षों में सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर दक्षिण-एशियाई लोगों के खिलाफ नफरत भरे भाषणों में 240 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। 'पाकिस्तानी-अमेरिकन पब्लिक अफेयर्स कमेटी' ने इलिनॉय के मंदिर को निशाना बनाने की साजिश पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बयान में कहा कि घटना के समय अमेरिकी कांग्रेस सदस्य (सांसद) राजा कृष्णमूर्ति और उनका परिवार भी मंदिर में मौजूद था।