Edited By Anu Malhotra,Updated: 03 Jan, 2026 12:56 PM

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद ही परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने फास्ट फूड के स्वास्थ्य पर बढ़ते खतरे को उजागर किया है। नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा इलमा की जान दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान चली...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से एक बेहद ही परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने फास्ट फूड के स्वास्थ्य पर बढ़ते खतरे को उजागर किया है। नीट की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा इलमा की जान दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज के दौरान चली गई। डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में प्रवेश करने वाला कीड़ा उसके दिमाग तक पहुंचा और वहां करीब 25 गांठों का कारण बना।
छात्रा की कहानी:
मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के गांव चुचैला कलां निवासी किसान नदीम अहमद की बड़ी बेटी इलमा एक प्राइवेट स्कूल में इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही थी और साथ ही नीट की तैयारी भी कर रही थी। परिवार के अनुसार, लगभग एक महीने पहले इलमा को टाइफाइड हुआ था। इसके बाद से उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
इलमा को पहले नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीटी स्कैन और एमआरआई रिपोर्ट में डॉक्टरों ने दिमाग में 7 से 8 गांठें होने की बात कही थी। हालांकि इलाज के कुछ दिनों बाद उसकी स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन अचानक हालत फिर बिगड़ गई और नई जांच में गांठों की संख्या 25 तक पहुँच गई।
स्थिति गंभीर होने पर 22 दिसंबर को परिवार ने इलमा को दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया। यहां डॉक्टरों ने दिमाग का ऑपरेशन किया, लेकिन 29 दिसंबर को इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई। उनके पिता नदीम अहमद के अनुसार, डॉक्टरों ने बताया कि पत्ता गोभी के जरिए शरीर में पहुंचा कीड़ा दिमाग में जाकर गांठों का कारण बना।
सावधानी की चेतावनी:
यह घटना अकेली नहीं है। इसके एक सप्ताह पहले, अमरोहा के अफगानान मोहल्ले में 11वीं कक्षा की छात्रा अहाना भी अत्यधिक फास्ट फूड खाने के कारण दिल्ली एम्स में इलाज के दौरान अपनी जान गंवा चुकी थी। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार असंतुलित और गंदे फास्ट फूड के सेवन से उसका पाचन तंत्र पूरी तरह प्रभावित हो गया था, और ऑपरेशन के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका।
विशेषज्ञों का कहना है कि साफ-सफाई और संतुलित आहार की कमी से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामले फास्ट फूड के जोखिम को लेकर लोगों में गहरी चिंता पैदा कर रहे हैं।