Edited By Mansa Devi,Updated: 23 Feb, 2026 11:52 AM

भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश में युवा वर्ग सबसे अधिक संख्या में AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है।
नेशनल डेस्क: भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेज़ी से बढ़ रहा है। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार देश में युवा वर्ग सबसे अधिक संख्या में AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहा है। खासतौर पर ChatGPT जैसे प्लेटफॉर्म पर युवाओं की सक्रियता साफ दिख रही है।
युवाओं की मजबूत भागीदारी
OpenAI की जानकारी के मुताबिक भारत में 18 से 24 साल के युवा लगभग आधे ChatGPT संदेश भेज रहे हैं। वहीं 30 साल से कम उम्र के उपयोगकर्ता कुल गतिविधि का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा संभाल रहे हैं। इससे साफ है कि नई पीढ़ी पढ़ाई, प्रोजेक्ट और रोजमर्रा के कामों में AI को तेजी से अपना रही है। कंपनी के अनुसार भारत उसके लिए तेजी से बढ़ता हुआ एक बड़ा बाजार बन चुका है, जहां डिजिटल टूल्स को अपनाने की गति काफी तेज है।
प्रोफेशनल काम में बढ़ा उपयोग
रिपोर्ट बताती है कि भारत से भेजे जाने वाले लगभग 35 प्रतिशत संदेश पेशेवर काम से जुड़े होते हैं। यह आंकड़ा वैश्विक औसत से थोड़ा अधिक है। लोग AI का उपयोग कंटेंट लिखने, रिसर्च करने, ऑफिस के कार्यों को आसान बनाने और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कर रहे हैं। इसके अलावा सामान्य जानकारी, लेखन सहायता और करियर मार्गदर्शन के लिए भी AI का सहारा लिया जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि AI अब केवल प्रयोग का साधन नहीं, बल्कि कामकाजी जीवन का हिस्सा बनता जा रहा है।
कोडिंग और डेवलपमेंट में भारत आगे
OpenAI ने यह भी बताया कि भारत में उसका कोडिंग असिस्टेंट Codex वैश्विक औसत से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। हाल के समय में इसकी साप्ताहिक उपयोग दर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय यूजर्स बड़ी संख्या में प्रोग्रामिंग और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं। यह स्थिति देश के बड़े डेवलपर समुदाय और टेक्नोलॉजी सेक्टर में AI के बढ़ते उपयोग को दर्शाती है। एक अन्य AI कंपनी Anthropic की रिपोर्ट में भी भारत में सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट से जुड़े AI कार्यों की बड़ी हिस्सेदारी का उल्लेख किया गया है।
भारत में विस्तार की योजना
OpenAI भारत में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। कंपनी Mumbai और Bengaluru में नए कार्यालय खोलने की तैयारी कर रही है। साथ ही Tata Group के साथ मिलकर AI कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। Tata Consultancy Services के जरिए ChatGPT एंटरप्राइज सेवाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। कंपनी Pine Labs, ixigo, MakeMyTrip और Eternal Limited जैसी कंपनियों के साथ भी काम कर रही है। आने वाले समय में एक लाख से अधिक छात्रों तक AI टूल्स पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
लागत में भारी कमी
OpenAI के प्रमुख Sam Altman ने बताया कि पिछले लगभग 14 महीनों में AI से जटिल जवाब हासिल करने की लागत 1000 गुना से अधिक कम हो गई है। इससे भारत जैसे देशों को खास फायदा होगा, जहां बड़ी युवा आबादी डिजिटल तकनीक को तेजी से अपना रही है। कुल मिलाकर, भारत में AI का भविष्य मजबूत नजर आ रहा है और इसमें युवाओं की भूमिका सबसे अहम साबित हो रही है।